भारतीय लोक कला पर आधारित भित्ति चित्रकला प्रतियोगिता

प्रतियोगिता प्रयागराज के लोकप्रिय कलाकारों धनंजय विश्वकर्मा व माधवी निराला द्वारा किया गया।

( अनुराग शुक्ला )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। भारतीय लोक कला पर आधारित भित्ति चित्रकला प्रतियोगिता आज ईश्वर शरण पी0जी0 कॉलेज, प्रयागराज में भारतीय लोक कला पर आधारित
त्रिदिवसीय भित्ति चित्र प्रतियोगिता 23 से 25 फरवरी आयोजन किया गया। डॉ0 अश्विनी देवी संस्कृतिक एवं सहगामी गतिविधि प्रकोष्ठ द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य प्रो0 आनन्द शंकर सिंह ने अपने उद्बोधन में छात्रों को उद्बोधित करते हुए कहा कि जहाँ व्यक्ति स्वयं को भूल जाता है । वहीं सौन्दर्य की प्रस्तुति होती है। कला सत्य शिवम् एवं सुन्दरम् का समन्वित रूप है। हमारे देश में कला का विधान बहुत प्राचीन
एवं शास्त्रीय रहा है। शास्त्रीयता के साथ ही आधुनिकता भारतीय कला की विशेषता रही है। भारतीय शास्त्र में भित्ति चित्र बनाने की बारीकियों का भी वर्णन किया गया है। उक्त कार्यक्रम का संयोजन प्रयागराज के लोकप्रिय कलाकारों धनंजय विश्वकर्मा
एवं माधवी निराला द्वारा किया गया। उक्त प्रतियोगिता में इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने प्रथम एवं द्वितीय पुस्कार, ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज ने तृतीय परस्कार एवं इलाहाबाद डिग्री कॉलेज ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता के आयोजन में सांस्कृतिक प्रकोष्ठ की सदस्य डॉ0 शिखा श्रीवास्तव,डॉ0 गरिमा मौर्या एवं डॉ0 गायत्री सिंह ने महत्वपूर्ण सहयोग किया। प्रतियोगिता के निर्णायक मण्डल में राज्य ललित कला अकादमी के कार्यकारिणी सदस्य एवं प्रयागराज के प्रसिद्ध चित्रकार डॉ0 रवीन्द्र कुशवाहा, एवं सुभाष पाण्डेय उपस्थित रहे। उक्त प्रतियोगिता में विजेताओं को धन राशि के साथ-साथ प्रमाण-पत्र का वितरण भी किया गया।

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