
( अनुराग शुक्ला ) हरिद्वार (अनुराग दर्शन समाचार )। महाशिवरात्रि पर शाही स्नान के लिए अखाड़ा परिषद और कुंभ मेला प्रशासन के बीच हुई वार्ता के अनुसार नागा साधुओं के साथ संत अखाड़ों से रवाना होंगे।
सर्वप्रथम जूना अखाड़ा स्नान करेगा। उसके बाद श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी और अन्य अखाड़े स्नान करेंगे।
सभी अखाड़ों के स्नान का समय तय कर दिया गया है। सभी अपने समयानुसार ही स्नान के लिए जाएंगे। भारी वाहन को मेला क्षेत्र में नहीं घुसने दिया जाएगा। साथ ही आम श्रद्धालुओं के लिए हर की पैड़ी के घाट सुबह आठ बजे तक ही खुले रहेंगें। रविवार को महाशिवरात्रि स्नान को लेकर मेला प्रशासन के अधिकारियों ने मायापुर स्थित निरंजनी अखाड़े के चरण पादुका मंदिर में सातों संन्यासी अखाड़ों के संतों के साथ चर्चा की। बैठक उपरांत मीडिया को जारी बयान में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि महाराज ने कहा कि स्नान के दौरान आपसी समन्वय बना रहे इस पर बैठक में चर्चा हुई। जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय सभापति श्रीमहंत प्रेम गिरी महाराज ने कहा कि इस बार भी मेला प्रशासन के सहयोग से सातों अखाड़े स्नान करेंगे। मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि स्नान के लिए जाते समय किसी भी संस्था को किसी प्रकार की दिक्कत ना हो। कुंभ मेला आइजी संजय गुंज्याल ने कहा कि पहला स्नान चुनौतीपूर्ण रहेगा। जिसको सफल कराना मेला प्रशासन की जिम्मेदारी है। इस दौरान श्रीमहंत राम रतन गिरि, श्रीमहंत दिनेश गिरि, महंत शंकरानंद सरस्वती आदि संत मौजूद रहे।