
अनुराग शुक्ला/राधे कृष्ण तिवारी प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। पूरे विश्व में सनातन धर्म को सबसे पुराना धर्म बताया गया है ऐसे में भारत की बात करें तो पूरे देश में कई ऐतिहासिक मंदिर है जिसमें यह सिद्ध होता है कि आज भी जो भी बातें पुराणों में लिखी गई हैं वह सत्य साबित हो रही है।
हाटकेश्वर शिवलिंग की पूजन करने के लिए धोती, लूंगी पहनना अनिवार्य।
इसी का उदाहरण प्रयागराज में स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर है जहां की परंपरा आज भी उसी तरह है जो आदि काल में हुआ करती थी। आज भी इस मंदिर में श्रद्धालु पैंट शर्ट यह कुर्ता पजामा पहन के नहीं बल्कि धोती पहनकर ही पूजा करते हुए नजर आते हैं जो यहां का एक कड़ा नियम है। प्रधानमंत्री समेत गुजरात के नागर ब्राह्मण और अन्य लोगों के कुल देवता के रूप में मानें जाने वाले हाटकेश्वर शिवलिंग की पूजन करने के लिए धोती, लूंगी पहनना अनिवार्य है यहां और ऐसी मान्यता है कि हाटकेश्वर महादेव की पूजन अर्चन से भक्त को सोने चांदी की कमी नहीं रहती है। मन्दिर के पुजारी पंडित हरिश्चन्द्र चंद्र तिवारी कहते है। महाशिवरात्रि मे हाटकेश्वर महादेव के मंदिर में शिवरात्रि में भगवान भोले शंकर का रुद्राभिषेक होता है और बहुत ही भव्य तरीके से श्रृंगार किया जाता है। भक्तों का तांता लगा रहता है भीड़ बहुत हो जाती है। लेकिन वो पल एक ऐतिहासिक के साथ ही उस वक्त भक्त आस्था के सरोवर में लीन हो जाते है।
प्राचीन धर्मग्रंथों एवं मान्यताओं के अुनसार इस हाटकेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना गुजरात के नागर ब्राह्मणों ने कराया था। बाद में मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया। उन्होंने बताया महाशिवरात्रि के समय मंदिर में पूजन-अर्चन के लिए शहर के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और उड़ीसा के भक्त आते हैं। सोमवार को शिवलिंग बहुरंगी पुष्पों से भव्य शृंगार और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं. सैकड़ों साल पुराने इस दक्षिण भारतीय मंदिर में पूजन-अर्चन से जुड़ी रोचक परंपराएं आज भी कायम हैं।
.ऐसी मान्यता है कि पाताल लोक में हाटकी नदी के समीप एक शिव मंदिर था. उसी के नाम से इसका नाम हाटकेश्वर महादेव पड़ा।हाटकेश्वर का अर्थ स्वर्ण होता है।अर्थात पृथ्वी के अंदर मौजूद बहुमूल्य रत्नों के स्वामी हाटकेश्वर महादेव हैं। मंदिर के पुजारी हाटकेश्वर महादेव मंदिर में केवल फल का ही भोग लगाया जा सकता है। क्योंकि हाटकेश्वर महादेव को फल ही पंसद है। यहां अन्न से बने किसी तरह के प्रसाद का भोग लगाना पूर्णतया वर्जित है।बताते हैं कि मंदिर की स्थापना से ही इस परंपरा का पालन किया जाता है। मंदिर के पुजारी ने बताया प्राचीन हाटकेश्वर महादेव के मंदिर में जज, नेता, वकील सभी भगवान शिव का आशीर्वाद लेने आते हैं. योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री वह शहर दक्षिणी से विधायक नंद गोपाल गुप्ता नंदी अपनी पत्नी महापौर अभिलाषा गुप्ता के साथ चुनाव जीतने के बाद भगवान शिव का आशीर्वाद लेने आए और रुद्राभिषेक और श्रृंगार किया।