
भूखमरी की कगार पर छात्रावास के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी
छह माह का बकाया कर्मचारियों का मानदेय, हॉस्टल जर्जर
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) प्रशासन ने सभी हॉस्टलों से फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) अपने पास जमा करा ली है। जबकि, हॉस्टलों में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का मानदेय तकरीबन छह महीने से बकाया है। ऐसे में वह भूखमरी के कगार पर हैं।
डीएसडब्ल्यू प्रो. केपी सिंह के निर्देश पर सभी हॉस्टलों के अधीक्षक और वार्डेन ने हॉस्टलों की जमापूंजी यानी एफडी डीएसडब्ल्यू कार्यालय में जमा करा दी। इसके अलावा हॉस्टलों में बिना अनुमति रहने वाले छात्रों की संख्या और नोटिस के बारे में जानकारी भी मांगी गई थी। तकरीबन सभी हॉस्टलों की तरफ से एफडी समेत अन्य विवरण उपलब्ध करा दिए गए हैं।
हॉस्टलों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के भुगतान और हॉस्टलों के मेंटेनेंस के नाम पर इविवि प्रशासन हाथ खड़े कर देता है। उनका सीधा कहना होता है कि यह सारे कामकाज हॉस्टल फण्ड से पूरे किए जाएं। यहां तक कि कर्मचारियों के वेतन पर भी चुप्पी साध लेते हैं। अब हॉस्टल की जमापूंजी भी जमा करा ली गई है। कई हॉस्टल ऐसे हैं जो मरम्मत के अभाव में जर्जर हो चुके हैं। आरओ मशीन खराब हो चुके हैं। हॉस्टल में रहने वाले छात्रों ने बताया कि कई बार शिकायत की गई तो बजट का हवाला देकर उन्हें वापस कर दिया गया।