
(अनुराग शुक्ला) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में संविदा कर्मचारियों की भर्ती में रिश्वत देकर टेंडर पाने और नये संविदा कर्मचारियों को बहाल करने का वायरल वीडियो हुआ है। इसकी शिकायत अब केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय से की जाएगी।
संविदा कर्मचारियों की भर्ती व टेंडर में रिश्वत प्रकरण
राष्ट्रपति, शिक्षा मंत्रालय व विजिटर से करेंगे शिकायत
साथ ही इविवि के विजिटर यानी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से भी इसकी शिकायत की जाएगी।
छात्रनेता अजय यादव कहते हैं कि इविवि में छात्रसंघ बहाली की मांग को 251 दिन से संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में आंदोलन जारी है। इसी अनशन स्थल पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कर्मचारियों की संविदा भर्ती में अवैध वसूली का विरोध किया गया। इसकी जांच के लिए राष्ट्रपति, शिक्षा मंत्रालय व विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को पत्र लिखा जाएगा और दोषियों को सजा दिलवाई जाएगी।
छात्रनेताओं ने कहा कि वायरल वीडियो में इविवि में कर्मचारियों की संविदा पर भर्ती के लिए रिश्वत मांगी जा रही है और दो करोड़ रुपए देकर टेंडर लेने की बात सामने आ रही है, वह बेहद शर्मनाक है। शिक्षा का स्तर गिर रहा है। नौकरियां बेची जा रही हैं। युवा बेरोजगार हो रहे हैं। यह किसी भी विश्वविद्यालय के कुलपति के लिए शर्म का विषय है। अगर कुलपति के अंदर थोड़ी भी शर्म और नैतिकता बाकी है तो उन्हें अपने पद से तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। इविवि के इतिहास में इतना काला दिन कभी नहीं आया। हम पीछे नहीं हटेंगे जंग जारी रहेगी सड़क से संसद तक लड़ाई लड़ेंगे। यह सोए हुए विश्वविद्यालय को जगाने का सपना साकार करने की इस पहल कि हम कड़ी निंदा करते हैं।
इस मौके पर छात्र नेता राहुल पटेल, जितेंद्र धनराज, नवनीत यादव, मसूद अंसारी, रोहित यादव, सौरभ सिंह बंटी, विशाल सिंह रिशु, मुकेश यादव, अभिषेक यादव, मो. जैद, मो. ओबादा, अक्षय क्रांतिवीर, मो. सलमान, सुनील पटेल, सत्येंद्र यादव, अनिकेश कुमार आदि लोग उपस्थित रहे।