वैश्विक कोरोना महामारी के बीच 13 अप्रैल से आदिशक्ति उपासना का पर्व चैत्र नवरात्र शुरू होगा

कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा के सभी नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाएगी।

( अनंत पांडेय )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। 21 अप्रैल को महानवमी मनाई जाएगी। कोरोना से मुक्ति के लिए घरों, मंदिरों में या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता का मंत्र गूंजेगा। हालांकि कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए शक्तिपीठ अलोपशंकरी देवी, कल्याणी देवी और ललिता देवी समेत सभी मंदिरों में परंपरागत पूजन-अर्चन और शृंगार किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम यज्ञ, अनुष्ठान, देवी जागरण व भंडारा नहीं होगा। श्रद्धालु श्रद्धा भाव से पूजन कर कोरोना महामारी से मुक्ति की कामना करेंगे। इस बार भी पिछले साल चैत्र नवरात्र की तरह ही स्थिति बन रही है। श्रद्धालुओं को कोरोना गाइडलाइन के तहत मंदिरों में प्रवेश दिया जाएगा।

कल्याणी देवी में आरती,पूजन का लाइव प्रसारण

कल्याणी देवी मंदिर में कोरोना गाइडलाइन के मुताबिक दर्शन पूजन की तैयारी की गई है। मंदिर के आचार्य पंडित श्याम जी पाठक ने बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग के लिए परिसर में गोल घेरे बनाए गए हैं। इस बार मानस सम्मेलन और रामकथा का आयोजन नहीं होगा। आरती पूजन वेबसाइट पर ऑनलाइन भी दिखाया जाएगा।

अलोपशंकरी में होगा परंपरागत पूजन

अलोपशंकरी देवी मंदिर में दर्शन पूजन के लिए तैयारी की गई है। बैरिकेटिंग करके गोल घेरे बनाए गए हैं। मंदिर के महंत जमुना गिरि ने बताया कि मां देवी का परंपरागत रूप से पूजन-अर्चन किया जाएगा। बिना मास्क प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

ललिता देवी मंदिर में बिना मास्क प्रवेश नहीं

शक्तिपीठ ललिता देवी मंदिर में कोरोना गाइडलाइन के मुताबिक दर्शन-पूजन की अनुमति दी जाएगी। मंदिर सजाने के लिए इस बार कोलकाता के करीगर नहीं बुलाए गए हैं। मंदिर बहुरंगी इलेक्ट्रिक झालरों से सजाया गया है।

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