चांद का हुआ दीदार लोगों ने की खरीदारी

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। रमजान मुबारक का चांद आज दिखेगा तभी तरावीह शुरू होगी और पहला रोजा बुधवार को रखा जाएगा।

सभी मस्जिदों में कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए कल होगा पहला रोजा।

मंगलवार को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मगरिब की नमाज के बाद छत, बारजे और बालकनी से आसमान में चांद तलाशा व दीदार किया फिर तरावीह अदा की जाएगी। तरावीह के बाद बुधवार भोर में सहरी के साथ पहला रोजा शुरू हो जाएगा। पिछले वर्ष भी लॉकडाउन की वजह से मस्जिदों में नमाज और तरावीह के लिए सिर्फ पांच लोगों को मंजूरी दी गई थी। इस वर्ष भी यही गाइडलाइन जारी की गई है।

सुन्नी मरकजी रूहते हिलाल कमेटी के शहर काजी मुफ्ती शरीफ अहमद शरीफी ने कहा कि मस्जिदों में मास्क लगाकर ही दाखिल हों। बच्चे और बुजुर्ग घर पर ही तरावीह और अन्य नमाज अदा करें। जिनको बुखार, खांसी या अन्य कोई परेशानी है वह भी घर पर ही इबादत करें।
कोरोना के काल में दूसरी बार पड़े रमजान में एक बार फिर मोबाइल पर सहरी और इफ्तार का टाइम सेट किया गया है। ताकि सुबह सहरी में उठने में देर न हो। मोहम्मद अबरार ने कहा कि मोबाइल को सही इस्तेमाल करते हुए पूरे रमजान की सभी सहरी और इफ्तार का वक्त रिमाइंडर और कैलेंडर में सेट कर दिया है। इससे घर में सभी को फायदा होगा। सहरी के वक्त अलार्म बजेगा और समय से सहरी हो सकेगी। कोरोना को देखते हुए इस साल सामूहिक इफ्तार नहीं होंगे। संक्रमण को देखते हुए हर कोई इफ्तार पार्टी से पीछे हट गया है। उलेमा ने भी कहा कि कोराना से बचे रहने के लिए जरूरी है कि एहतियात बरती जाए। उम्मुल बनीन के महासचिव मो. अस्करी ने कहा कि संक्रमण से बचने को इफ्तारी पार्टी से परहेज जरूरी है।

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