
(अनुराग शुक्ला) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। जुम्मा की नमाज माहे रमज़ान मे रहमत बरकत और मग़फिरत के ३० रोज़ों को तीन भाग मे बाँटने वाले तीन अशरों मे से एक अशरा आज मुकम्मल हो गया।कोविड १९ के कारण मस्जिदों मे बाजमात नमाज़ ए जुमा नही हुई।कुछ मस्जिदों मे ही ज़ोहर की नमाज़ की नियत करते हुए ओलमा ने नमाज़ पढ़ाई।मस्जिदों से चन्द लोगों की मौजूदगी में जुमा के खुत्बे में माहे रमज़ान की फज़ीलत का ज़िक्र किया गया।दायरा शाह अजमल खानकाह की मस्जिद,बैदन टोला,बख्शी बाज़ार,अटाला,रसूलपूर,समदाबाद,दरियाबाद,करैली,तुलसीपूर,अकबरपूर,बहादुरगंज,हटिया,गढ़ी सराँय,सब्ज़ी मण्डी,सेँवई मण्डी,रानी मण्डी,कटरा,सिविल लाईन्स,राजापूर,मिन्हाजपूर,पत्थर गली,बरनतला,मोहतिशिमगंज सहित अनेक छोटी बड़ी मस्जिदों मे कम संख्या मे नमाज़ी पहोँचे।अधिक्तर लोगों ने घर मे ही नमाज़ ए ज़ोहर की नियत करते हुए नमाज़ अदा की।शिया जामा मस्जिद चक मे मौलाना हसन रज़ा ज़ैदी की इमामत मे नमाज़ ए ज़ोहरैन की नीयत करते हुए कुछ चुनिन्दा लोगों ने ही नमाज़ अदा की।मस्जीद खदीजा करैली के मुतावल्ली हसन आमिर ने वाट्सऐप पर मैसेज भेज कर अगले आदेश तक के लिए मस्जिद मे नमाज़ ए जुमा न होने का एक दिन पहले ही ऐलान कर दिया उनका कहना था की जुमा की नमाज़ छोड़ कर बाक़ी पाँच वक़्त की नमाज़ सरकारी गाईड लाईन के मुताबिक़ होंगी जुमा पर ज़्यादा भीड़ होने का आन्देशा रहता है इस लिए जुमा की नमाज़ नही होगी।वहीं बख्शी बाज़ार की ढ़ाल पर मस्जिद वसीउल्ला मे टेम्प्रेचर चेक करने के बाद मास्क लगाने वालों को ही मस्जिद मे प्रवेश दिया गया।ओलमाओं ने मस्जिद मे लगे लाऊडस्पिकर से लोगों से कोरोना के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए सभी से ऐहतियाती क़दम खुद से उठाने की अपील की वहीं दायरा शाह अजमल के पेश इमाम मौलाना हामिद रज़ा नायब इमाम मौलाना शमशेर आज़म ने माहे रमज़ान की फज़ीलत बयान करते हुए कहा की रमज़ान हम पर क्यों फर्ज़ है इस को जानना भी बेहद ज़रुरी है।रमज़ान सिर्फ भूखा और प्यासे रहने का नाम नहीं बल्कि हमे अपने नफ्स पर क़ाबू रखने गुनाहों से दूर रहने और भूख और प्यास की शिद्दत को समझ कर अपने आस पास चाहे वह जिस भी मज़हब का मानने वाला हो उसके घर खाना बना की नहीं ग़रीब ग़ुरबा और मिसकीन की मदद करना भी यह माहे रमज़ान सिखाता है।