
मीडिया से बातचीत करते हुए कोकजे ने कहा, ‘हम सरकार का नहीं हिंदू समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं.’ उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार को हिंदू हितैषी भी बताया. राम मंदिर कार्यशाला में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट राम मंदिर का फैसला जनभावना के आधार पर भी कर सकती है. उन्होंने इसी के साथ एक और बात साफ करते हुए कहा कि भले ही मंदिर-मस्जिद का मुकदमा विवादित भूमि को लेकर चल रहा हो, लेकिन अधिग्रहित की गई 67 एकड़ भूमि भी जनभावना को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट धारा 142 के तहत राम मंदिर के पक्ष में देने का आदेश कर सकता है. लिहाजा सेंट्रल गवर्नमेंट के पास अधिग्रहित भूमि को पाने के लिए जाने की अभी जरूरत नहीं है. क्योंकि सुप्रीम कोर्ट का विकल्प सामने है.
वहीं घर वापसी के सवाल पर उन्होंने खुलकर कुछ नहीं बोला, लेकिन इशारों- इशारों में सब कुछ कह दिया. उन्होंने कहा जो अपने आप को हिंदू मानता है उसका स्वागत है.
इसी के साथ विहिप के नवनियुक्त अध्यक्ष ने मोदी सरकार की जमकर तारीफ की और कहा कि देश में अब तक जितनी भी सरकारें आई हैं, उसमें एनडीए और मोदी सरकार हिंदुत्व के सबसे करीब है. अपनी अयोध्या यात्रा और राम मंदिर निर्माण को एक दूसरे से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि देशभर के संत-धर्माचार्यों से वह मिलेंगे और उनके विचार जानेंगे.