शुक्रिया प्रयागराज, शुक्रिया मंत्री नन्द गोपाल

( अनुराग शुक्ला )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। गोविन्दराजन घर जाते समय भावुक हुए गोविन्दराजन ने मंत्री नन्दी के प्रयास पर जताया।

 

12 वर्ष बाद अपने घर के लिए इंडिगो की फ्लाइट से रवाना हुए

 

 

आभार पिछले 12 वर्ष से प्रयागराज में रह कर अपना पूरा जीवन साहित्य की सेवा में समर्पित करने वाले वरिष्ठ लेखक डाॅ एम गोविन्दराजन रविवार को अपने दामाद के साथ अपने घर तंजाउर के लिए प्रयागराज से बेंगलुरू के लिए इंडिगो की फ्लाइट से रवाना हुए। जाते समय वे भावुक हो गए और नन्दी सेवा संस्थान एवं मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी द्वारा किए गए मदद कार्य की सराहना की।

कहा कि प्रयागराज और प्रयागराज वासियों ने जो स्नेह और सम्मान दिया है, उसके वे सदैव आभारी रहें। कहा कि लोगों का स्नेह है कि आज एक साधारण से साहित्यकार को तमिल के तुलसी के नाम जाना और बुलाया जा रहा है।
बातचीत में गोविन्दराजन जी ने कहा कि उन्होंने कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री जी को पत्र लिख कर अरैल स्थित त्रिवेणी पुष्प में तमिल कवि संत त्रिरवल्लवर की मूर्ति स्थापित कराने के लिए स्थान दिला दें। उस पत्र पर अभी तक कोई अमल नहीं हुआ, अतः त्रिवेणी पुष्प में प्रतिमा लगाए जाने के प्रस्ताव को आगे बढ़ाया जाए। इससे दक्षिण व उत्तर की साहित्य व संस्कृति का संगम हो सकेगा। गोविन्दराजन जी ने कहा वे चाहते हैं कि यमुना नदी के किनारे से गुजर रही दक्षिणी बैंक रोड का नाम त्रिरूवल्लवर के नाम पर किया जाए। जिसके लिए उन्होंने महापौर अभिलाषा गुप्ता नन्दी को पत्र लिखा है। मंत्री नन्दी ने कहा तमिल के तुलसी के नाम से विख्यात डाॅ एम गोविंदराजन जी की मांग को पूरी कराने का वे पूरा पयास करेंगे

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