
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर थमने के आसार अब दिखने लगे हैं
लगातार मरीजों की संख्या 200 से कम होने से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग राहत की सांस ले रहा है, लेकिन इन सबके बीच अब तीसरी लहर से लड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। महामारी के काल में अभी से प्रशासन ने कमर कस ली है।
जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की बैठक रविवार को बुलाई। इसमें तय हुआ कि एसआरएन में 1066 बेड का नया आईसीयू वार्ड बनाया जाएगा। इसके लिए डीएम ने अभी से तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए।
साथ ही शून्य से एक वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों के लिए अलग आईसीयू होगा और एक साल और इससे अधिक आयु वर्ग के बच्चों के लिए अलग आईसीयू बनाया जाएगा।
हालांकि बच्चों के आईसीयू में बेड कितने होंगे फिलहाल इस पर कोई बात नहीं हुई है। एसआरएन की टीम पूरी क्षमता का अवलोकन कर इससे जिलाधिकारी को अवगत कराएगी। इसके बाद ही बेड के लिए बंदोबस्त किया जाएगा।
एसआरएन में फंगल इंफेक्शन को रोकने के लिए हर मरीज के ऑक्सीजन चेंबर को अलग से साफ कराया जा रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि हर चेंबर में पानी होता है। इसे साफ न करने से कई बार फंगल इंफेक्शन होने का खतरा रहता है।
ऐसे में इसकी रोकथाम के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। जैसे आईसीयू की ड्रेस साफ होती है ठीक वैसे ही चेंबर भी साफ होगा। जिलाधिकारी के नेतृत्व में बेली अस्पताल का टीम सोमवार को निरीक्षण करेगी।
अस्पताल में कहां और कितने बेड बच्चों के आईसीयू के लिए बनाए जा सकते हैं इस पर मंथन होगा। बैठक प्रिंसिपल डॉ.एसपी सिंह, डॉ. मोहित जैन, डॉ. संतोष सिंह, सीएमएस बेली डॉ. किरन मलिक आदि मौजूद रहे।