स्थानांतरण आदेश सात साल बाद लागू करना अवैध

 

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2014 में हुए स्थानांतरण को 2021 में लागू करने को प्रथमदृष्टया अवैध मानते हुए उसके आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही इस मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है। साथ ही कहा कि याची को कार्यमुक्त न किया जाए।
यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने संजीव कुमार की याचिका पर दिया है। याची के अधिवक्ता इरफान अहमद मलिक ने कोर्ट को बताया कि एसपी शामली ने याची को कार्यमुक्त कर सहारनपुर में कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया है। ऐसा करके सात साल पहले हुए तबादले को लागू किया जा रहा है, जो तबादला नीति के विपरीत है। कोर्ट ने कहा कि स्थानांतरण सेवा आवश्यकता के अनुसार किए जाते हैं लेकिन उसका आदेश सात साल बाद लागू करना प्रथमदृष्टया अवैध है। कोर्ट ने डीआईजी शामली रेंज के 23 जून 2014 व एसपी शामली के 25 मार्च 2021 के आदेश निलंबित कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि याची को शामली से कार्यमुक्त कर सहारनपुर में कार्यभार ग्रहण करने के लिए विवश न किया जाए और नियमित वेतन भुगतान किया जाए। कोर्ट ने कहा है कि तबादला नीति के तहत नए सिरे से तबादला करने में यह अंतरिम आदेश बाधक नहीं होगा। सरकार स्थानांतरण करने के लिए स्वतंत्र है।

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