
अध्यक्ष नरेंद्र गिरि महाराज का बयान काफी आश्चर्य करने वाला है
जिलाधिकारी भानूचंद्र गोस्वामी ने दो सदस्यीय कमेटी का गठन कर जांच के आदेश दे दिए हैं।
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। प्रयागराज में श्रृंगवेरपुर एवं फाफामऊ पुल के नीचे दफनाएंगे गंगा किनारे लाशों को लेकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गिरि महाराज का बयान काफी आश्चर्य करने वाला है। जहां एक एक ओर इस विषय में उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के आदेश के बाद प्रयागराज के जिलाधिकारी भानूचंद्र गोस्वामी ने दो सदस्यीय कमेटी का गठन कर जांच के आदेश दे दिए हैं। और इस प्रकार के कृत्य करने वाले सरकारी अधिकारियों एवं अन्य व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दे दिए गए हैं । वहीं पर सरकार के पक्ष पर अपना बयान जारी करते हुए नरेंद्र गिरी ने कहा है कि गंगा के किनारों पर लाशों को दफन करना हमारे वैदिक परंपरा में उल्लेखित है और गृष्मकाल में नदी के पानी को सूख जाने की वजह से आज यह लाशे रेत के बाहर आ गई है ।जिसमें सरकार की कोई गलती नहीं है। एवं इस मामले को तूल देना भी उचित नहीं है । तथाकथित लोगों द्वारा इस मामले को तूल देकर सरकार को बदनाम करने का प्रयास किया गया है । दफन हुए लाशें कोरोना संक्रमण में मरे लोगों के होने का सबूत देती है । पर सभी लाशे कोरोना से मरे हुए लोगो की है । इन लाशों से सिद्ध नही किया जा सकता है ।वरन सरकार को बदनाम करना लोगों की मंशा को दर्शाता है।
इससे पहले भी अखिल भारतीय परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी द्वारा कई विवादित मामलों में सरकार के पक्ष में अपना बयान प्रस्तुत किया है । अपने शिष्य आनंद गिरी द्वारा उन पर काफी आरोप लगाए गए जिसका रहस्यमय तरीके से समाप्त होने के बाद पूर्णतया झुठला दिए गए। अब सरकार के पक्ष में दिया जाए यह बयान संधि के विशिष्ट शर्तों को प्रदर्शित करता है ।