कॉल डिटेल से खुले राज, कई डॉक्टरों के संपर्क में थे जालसाज

प्रयागराज से पकड़े पंकज और मधुरम के मोबाइल से मिली जानकारी
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। ब्लैक फंगस के नकली एमफोनेक्स इंजेक्शन बेचने के मामले में जेल भेजे गए प्रयागराज के दोनों मेडिकल स्टोर संचालक पंकज अग्रवाल और मधुरम वाजपेई के मोबाइल की कॉल डिटेल में कई राज खुले हैं। पंकज प्रयागराज के कई और डाक्टरों के संपर्क में था। अब पुलिस पता लगाने की कोशिश में है कि पंकज ने किसी और को तो नकली इंजेक्शन नहीं बेचा था। कानपुर पुलिस एक दर्जन से अधिक मोबाइल नंबरों को जांच के लिए चिन्हित किया है। अब उन्हें फोन कर पता लगाया जा रहा है कि पंकज ने क्यों उन्हें फोन किया था। क्या बात हुई। इसमें कई नर्सिंग होम से जुड़े लोग भी शामिल हैं। उधर, दोनों मेडिकल स्टोरों का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।
कानपुर पुलिस ने ब्लैक फंगस के नंकली इंजेक्शन बेचने वाले रैकेट का भंडाफोड़ किया तो प्रयागराज के दो मेडिकल स्टोर संचालक नैनी के पंकज अग्रवाल और कालिंदीपुरम के मधुरम वाजपेई का नाम सामने आया। कानपुर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। खुलासा हुआ कि एसआरएन अस्पताल में तैनात एक डॉक्टर को पंकज ने नकली इंजेक्शन बेचा था। जिस मरीज को वह इंजेक्शन लगा उसकी मौत हो गई। इसी के बाद मामले ने तूल पकड़ा। पूछताछ के बाद बयान दर्ज होने में साफ हुआ कि एसआरएन अस्पताल के डॉक्टर ने पंकज से इंजेक्शन लेने के बाद उसे ऑनलाइन पेमेंट किया था। इसे लेकर बैंक की डिटेल भी खंगाली जा रही है। सबसे ज्यादा मोबाइल फोन से जानकारी मिली है। इंजेक्शन बेचने के दौरान पंकज और मधुरम किस किस के संपर्क में थे अब उन पर शिकंजा कसने की तैयारी है। एसआरएन के डॉक्टर के अलावा नर्सिंग होम से जुड़े एक दो डाक्टरों से पंकज संपर्क में थ। अब उनका बयान दर्ज किया जाएगा।

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