प्रथम दलित महामंडलेश्वर का हुआ भव्य स्वागत

इलाहाबाद। जूना अखाड़ा की एक नई पहल के अंतर्गत देशभर में दलितों को लेकर चल रहे संग्राम और उत्पीड़न के आरोपों के बीच दलित समुदाय से सन्यास लेकर संत बने कन्हैया प्रभुनन्द गिरि को महामंडलेश्वर बनाये जाने पर महंत बजरंगमुनि उदासीन की अगुवाई में ‘श्री मीता बाबा आश्रम’ हरिश्चन्द्रपुर ठेकमा में भव्य स्वागत मंगलवार को किया गया।

सर्वप्रथम महामंडलेश्वर के आगमन पर उनके ऊपर पुष्प वर्षा के साथ-साथ माल्यार्पण किया गया।इस दौरान महंत बजरंगमुनि उदासीन ने कहा कि वैसे तो संत की कोई जाति नहीं होती परन्तु इस फैसले से देश में सामाजिक समरसता की दिशा में सुखद संदेश जाएगा।

इससे देश में अब एक नए युग का शुभारम्भ होगा।इससे जाति भेदभाव दूर कर समाज में बराबर की हिस्सेदारी वाले संदेश को बल मिलेगा। इस दौरान श्रीश्री 1008 महामंडलेश्वर प्रभुनन्द गिरि जी ने कहा कि यह हमारे साधु समाज के लिए गौरव की बात है कि हमारे बीच में महंत बजरंगमुनि जैसे धर्मनिष्ठ और क्रांतिकारी संत उपस्थित हैं।इनके ऊपर पूरा सन्त समाज गर्व का अनुभव करता है।इस दौरान आश्रम में बडी संख्या में भक्त और क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।

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