प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर अयोध्या में नई मस्जिद और अस्पताल बनाने के लिए गठित इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट की वैधानिकता को चुनौती दी गई है। नदीम अहमद व अन्य की जनहित याचिका में सुन्नी सेन्ट्रल वक्फ बोर्ड से गठित इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट के गठन के कागजात मंगाकर रद्द करने और ट्रस्ट का गठन रोकने की मांग की गई है। कोर्ट ने कहा कि जिन कागजात को रद्द करने की मांग की गई है वे याचिका के साथ दाखिल ही नहीं किए गए हैं। ऐसी स्थिति में जो कागजात न्यायालय के समक्ष हैं ही नहीं, उन्हें रद्द करने पर विचार नहीं किया जा सकता। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति संजय यादव एवं न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की खंडपीठ ने दिया है। कोर्ट ने कागजात तलब कर रद्द करने की मांग अस्वीकार कर दी। साथ ही न्यायहित में कागजात दाखिल करने के लिए याची को चार सप्ताह का समय दिया है। यह स्पष्ट भी किया है कि कागजात दाखिल नहीं किए जाने पर याचिका स्वतः खारिज हो जाएगी। जनहित याचिका में एक जुलाई 2020 को जारी ट्रस्ट के गठन की अधिसूचना को भी रद्द किए जाने की मांग की गई है। इस पर कोर्ट ने कहा कि एक अन्य जनहित याचिका में इस अधिसूचना को वैध करार दिया जा चुका है। याची का कहना है कि ट्रस्ट के गठन के कागजात वैध नहीं हैं इसलिए कोर्ट उन्हें सम्मन करके रद्द करे। कोर्ट ने याची से दस्तावेज दाखिल करने और उसके बाद विचार करने को कहा है।