जीवन ज्योति हॉस्पिटल में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार ) । 21 जून 2021 अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जीवन ज्योति हॉस्पिटल में आमजन, मरीज़ व परिजनों के लिए विशेष ऑनलाइन योग सत्र का आयोजन किया गया जिसमे डॉ० वन्दना बंसल निदेशक जीवन ज्योति हॉस्पिटल व प्रसिद्ध आई०वी०एफ० विशेषज्ञा व डॉ अर्पित बंसल विख्यात लैप्रोस्कोपिक कैंसर व बेरियाट्रिक सर्जन ने योग के द्वारा इस कोविड काल में कैसे मन‚ मस्तिष्क व शरीर को स्वस्थ्य रखा जा सके इस पर महर्षि पतंजलि द्वारा बताये गए कई महत्वपूर्ण सूत्र साझा किये।

विशेषज्ञों ने कोविड काल मे योग के महत्व को ऑनलाइन समझाया

 

 

 

अधिकतर देर तक ऑफिस मे बैठ कर कार्य करने वालों के लिए भी कुछ आसान सिखाये। इस अवसर पर वरिष्ठ कंसल्टेंट्स डॉ अलोक खरे‚ डॉ अजय गोपाल‚ डॉ आर के शर्मा , डॉ विशाल श्रीवास्तव‚ डॉ अंजुला सहाय ने भी शरीर को स्वस्थ्य रखने में योग की भूमिका पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर डॉ वंदना बंसल ने कहा के योग भारत की देन है परन्तु इसके महत्व को लोगों ने तब समझा जब हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने इसको वैश्विक पटल पर एक पहचान दिलवाई व 21 जून को अंतराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मानने का प्रस्ताव पास हुआ। यह एक स्वस्थ जीवन जीने की कला है। यह योगा नहीं योग है। स्वस्थ्य जीवन की कुंजी है योग कोरोना महामारी ने हमे स्वस्थ्य के प्रति जागरूक किया की कैसे हम योग के द्वारा एक स्वस्थ्य शरीर पा सकते हैं। योग सिर्फ इम्युनिटी बढ़ाने की प्रक्रिया नहीं है यह हमारी आत्मा को जागृत करता है व आत्मा का परमात्मा से मिलान करता है। योग के द्वारा कई क्रोनिक बीमारियां जैसे की मधुमेह‚ उच्च् रक्तचाप, गठिया इत्यादि को भी कण्ट्रोल कर सकते हैं। समाज तभी स्वस्थ्य बनेगा जब हर स्कूल में योग सिखाया जायेगा। इसके साथ ही हर व्यक्ति कोरोना का टीका अवश्य लें। डॉ अर्पित बंसल ने बताया की योग सिर्फ आसान करने को नहीं कहते हैं आसन संपूर्ण योग का सिर्फ एक सूत्र है महर्षि पतंजलि ने योग के आठ सूत्र बताये है जैसे यम, नियम‚ आसन‚ प्राणायाम इत्यादि। संपूर्ण योग मन बुद्धि व आत्मा का मिलन है योग सिर्फ व्यायाम नहीं है बल्कि एक स्वस्थ्य दिनचर्या का सूत्र है यह हमे अपने स्वस्थ्य खानपान व वातावरण के प्रति जागरूक करता है हमे जीवन में अनुशासन के महत्व को समझाता है जिससे की हम मन व मस्तिष्क से तरोताज़ा बने रहें व जीवन में भी प्रसन्न रहें क्यूंकि एक स्वस्थ मन व स्वस्थ शरीर कई रोगों से दूर रहता है। डॉ अलोक खरे ने कहा की स्वस्थ रहने के लिए योग एक बहुत ही सहजता से उपलब्ध व सस्ता उपाय है। डॉ अजय गोपाल ने बताया की कैसे पिछले 30 वर्षों से योग करके वह अपने आपको स्वस्थ्य रखे हुए हैं।

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