
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। प्रयागराज में गंगा नदी के जलस्तर ने मंगलवार की शाम से रफ्तार पकड़ लिया है। तीन दिन पहले हरिद्वार, नरोरा और कानपुर बांधों से छोड़ा गया 3.50 लाख क्यूसेक पानी अब यहां पहुंचने लगा है।
पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश का प्रयागराज में असर
इसका असर बुधवार को गंगा के फाफामऊ घाट पर दिखने लगा है। यहां प्रतिघंटा तीन सेटीमीटर की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा है। यमुना के जलस्तर में भी थोड़ी तेजी आई है। नदियों का जलस्तर बढऩे से तटीय क्षेत्रों में खतरा मंडराने लगा है। इस बार गंगा-यमुना का जलस्तर समय से पहले ही बढऩे लगा है। इसकी वजह लगातार पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश है। अधिक बारिश होने के कारण हरिद्वार, नरोरा के साथ ही कानपुर बांधों से पानी छोडऩे का सिलसिला भी जारी है। तीन दिन पहले हरिद्वार से 1 लाख 423 क्यूसेक, नरोरा बांध से 2.30 लाख 807 क्यूसेक और कानपुर बांधों से 15 हजार 651 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया था। मंगलवार शाम से यह पानी यहां पहुंचने लगा है।
सिंचाई बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक मंगलवार शाम चार बजे तक फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 76.78, छतनाग में 71.50 मीटर और नैनी में यमुना नदी का जलस्तर 72.32 मीटर दर्ज किया गया था। हालांकि रात आठ बजे आंकड़ों में तेजी से बदलाव हुआ। फाफामऊ में 76.89, छतनाग में 71.59 और नैनी में 72.38 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया। इन आंकड़ों को देखा जाए तो फाफामऊ में प्रतिघंटा तीन सेमी की रफ्तार से पानी बढ़ रहा है। इससे तटीय इलाके में रहने वाले लोग भयभीत हैं। संगम से तीर्थ पुरोहित जहां चौकियां को हटाने में जुटे हैं तो वहीं यहां लगने वाली दुकानों को भी हटाया जा रहा है।