पेट्रोलियम दाम स्थिर ना होने से व्यापारियों के लाभ पर पड़ रहा है असर

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स की एक वर्चुअल मीटिंग बढ़ते पेट्रोल के दाम को लेकर हुई। मीटिंग में बोलते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष विभु अग्रवाल एवं इलाहाबाद के महामंत्री अजय अग्रवाल ने कहा कि आज फिर पेट्रोल के दाम में 35 पैसे एवं डीजल में 18 पैसे की बढ़ोतरी हुई है । जिस प्रकार सरकार लगभग हर रोज पेट्रोलियम उत्पाद के दामों में बढ़ोतरी कर रही है, इससे व्यापार करना अत्यंत कठिन होता चला जा रहा है । पिछले दिनों में पेट्रोलियम उत्पाद के साथ खाने के तेल, मसाले, लोहा अल्मुनियम एवं अन्य धातुओं सहित ट्रांसपोर्ट भाड़े में जो वृद्धि हुई है उससे व्यापारियों पर आर्थिक के साथ-साथ मानसिक दबाव भी बढ़ता चला जा रहा है । मसाले एवं किराना का कारोबार करने वाले पियूष अग्रवाल एवं आशीष केसरी ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान कुछ स्पेसिफिक मसालों एवं ड्राई फुट की मांग बढ़ने से उनके दाम दुगने के अधिक हो गए हैं, उस पर पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत बढ़ने से माल भाड़ा बढ़ने का प्रत्यक्ष प्रभाव भी सामान की कीमतों पर पड़ा है।एफएमसीजी उत्पाद का डिस्ट्रीब्यूशन करने वाले चेतन सावला एवं दिनेश केसरवानी ने कहा की हमारे व्यापार में पेट्रोलियम की कीमतें बहुत मायने रखती हैं क्योंकि व्यापार की प्रकृति के अनुसार हम स्वयं की गाड़ियों से दुकानदार तक माल की डिलीवरी करते हैं । बढ़ती लागत को देखते हुए कंपनियों ने तो अपने उत्पाद की कीमत बढ़ा ली किंतु हमारा मार्जिन कंपनियों के द्वारा पूर्व में ही निर्धारित होता है अतः लागत बढ़ने से हम दाम नहीं बढ़ा पाते जिससे इसका सीधा असर हमारे लाभ पर पड़ता है। एलमुनियम एवं अन्य धातु का कारोबार करने वाले पियूष गोयल एवं अनुपम अग्रवाल ने कहा कि पिछले 6 महीने के दौरान एलमुनियम, लोहा, तांबा जैसी धातुओं की कीमत में बहुत इजाफा हुआ है और पेट्रोलियम की कीमत बढ़ने का सीधा प्रभाव उनकी लागत पर पड़ा है ऐसे कारोबारी जिन्होंने पुराने ठेके ले रखे हैं उनके लिए नई कीमत पर माल खरीदना मुश्किल हो रहा है जिसका प्रभाव सीधा उनके प्रॉफिट पर पड़ रहा है और कहीं ना कहीं वह इन धातुओं के थोक कारोबारियों के लाभ पर भी असर डाल रहा है । रेस्टोरेंट्स कारोबारी शाश्वत अग्रवाल एवं विकास सिंह ने कहा कि कोरोना महामारी में सबसे ज्यादा प्रभावित होटल और रेस्टोरेंट रहा है । ऊपर से खुलने के बाद कच्चे माल सहित पेट्रोलियम की लागत बढ़ने से हमारे लिए बार-बार अपनी कीमतों को पुनर अवलोकन कर पाना बहुत मुश्किल हो रहा है। खाने पीने की वस्तु को बनाने में रेस्टोरेंट में गैस का प्रयोग एवं लाइट ना रहने पर जनरेटर के द्वारा पूरे परिसर को बिजली देना काफी महंगा हो गया है। यदि अपने मेनू में दिए खाद्य वस्तुओं के रेट को बार-बार बदला जाता है तो उससे आने वाले ग्राहकों पर बुरा प्रभाव पड़ता है । होटल एवं रेस्टोरेंट पर दूसरा सबसे बुरा प्रभाव शनिवार एवं रविवार को खोलने की अनुमति ना होना है।
बेकरी कारोबारी राजीव पाठक का कहना था कि कच्चे माल की लागत में कई गुना वृद्धि होने से ग्राहक की पर बुरा प्रभाव पड़ा है ऐसे ग्राहक जो लॉकडाउन खुलने के बाद पहली बार दुकान पर आ रहे हैं वह नए रेट को लेकर निराश हो जाते हैं उनको बढ़ी कीमतों एवं पेट्रोलियम के बढ़ते रेट का हवाला देकर समझाना अत्यंत कठिन हो रहा है। दवा निर्माता संजय जैन ने कहा कि इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से रॉ मेटेरियल पेट्रोलियम के कारण उसके माल भाड़े में वृद्धि तथा प्लास्टिक एवं कागज के दाम बढ़ने से पैकेजिंग मैटेरियल में बड़ी लागत का प्रभाव किस तरह कम से कम उपभोक्ता तक हो इसको बनाए रखना बहुत ही दुष्कर हो चुका है। अंत में प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल ने कहा कि वाकई जिस तरह से लोहा अल्मुनियम, मसाले, ड्राई फ्रूट, कागज, प्लास्टिक उत्पाद पेट्रोलियम सहित अनेक उत्पाद की कीमतें बढ़ी हैं उससे व्यापारी के व्यापार में लाभ पर बहुत बुरा असर पड़ा है एक तरफ तो बाजार में ग्राहक नदारद हैं और दूसरी तरफ बढ़ती कीमत आग में घी का काम कर रही है यदि केंद्र सरकार के लिए पेट्रोल की कीमत को बढ़ाना आवश्यक है तो उसे एक बार ₹3-4 प्रति लीटर की वृद्धि कर देनी चाहिए जिससे कुछ समय तक व्यापारियों को राहत हो सके और वह एक मूल्य निर्धारित कर उस पर अपना माल बेच सकें। साथ ही उपभोक्ता भी दिन प्रतिदिन बढ़ने वाली कीमत को लेकर, व्यापारीयों से नोकझोंक ना करें। पेट्रोलियम एक ऐसा उत्पाद है जो प्रत्येक वस्तु की कीमत पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभाव डालता है तथा सरकार को ऐसी नीति बनानी चाहिए जिससे पेट्रोलियम उत्पाद की कीमतें कुछ समय तक स्थिर बनी रहें । मीटिंग में महेंद्र गोयल, विभु अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, अनुपम अग्रवाल, अजय गुप्ता, राजेश अग्रवाल, गोविंद अग्रवाल, अजय अवस्थी, अनु पांडे, राजीव पाठक, अनूप जायसवाल, मनीष शुक्ला, आशुतोष गोयल, तरंग अग्रवाल, पीयूष अग्रवाल (किराना वाले), पीयूष गोयल चेतन साबला, अनिल नर्सरिया, अशोक अग्रवाल, राजीव रंजन अग्रवाल, असित कपूर, दिनेश केसरवानी, केके अग्रवाल, संजय जैन, राजमोहन पुरवार आदि व्यापारी मौजूद रहे।

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