
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिजनौर कोतवाली में तैनात दरोगा अमित कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि उन्होंने गलत जानकारी देकर न्यायालय को गुमराह करने की कोशिश क्यों की। कोर्ट ने दरोगा से आठ जुलाई को स्पष्टीकरण के साथ शासकीय अधिवक्ता कार्यालय में मौजूद रहने को भी कहा है।
यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने मुनव्वर की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया है। इस मामले में पुलिस के ऐसे स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप का खुलासा हुआ है जो झूठे मुकदमों में निर्दोष लोगों को फंसाकर परेशान करता है। सुनवाई के दौरान अपर शासकीय अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि याची के खिलाफ अमरोहा जिले में अकबराबाद थाने में मुकदमा दर्ज है। इस पर कोर्ट ने अपर शासकीय अधिवक्ता से इस संबंध में पूरक जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा तो हलफनामे में कहा गया कि याची के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। जबकि याची के अधिवक्ता का कहना था अमरोहा जिले में अकबराबाद नाम का कोई पुलिस थाना ही नहीं है। इस तथ्य को अपर शासकीय अधिवक्ता ने भी स्वीकार किया। इस पर कोर्ट ने उनसे पूछा कि 25 जून को किस पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी थी कि याची के खिलाफ अकबराबाद थाने में गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज है। बताया गया कि बिजनौर की कोतवाली में तैनात दरोगा अमित कुमार ने यह जानकारी दी थी। इस पर कोर्ट ने दरोगा अमित कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और उनसे स्पष्टीकरण मांगा है कि उन्होंने कोर्ट को गलत जानकारी देकर गुमराह करने की कोशिश क्यों की। कोर्ट ने एसपी बिजनौर को आदेश दिया है कि अमित कुमार को नोटिस प्राप्त कराएं।