एक करोड़ के गबन में सीबीआई ने दर्ज किया मुकदमा

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल में एसओ कार्यालय में छापेमारी के बाद अब सीबीआई ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच में पता चला है कि करीब एक करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई थी। साक्ष्य जुटाने के बाद सीबीआई ने दस्तावेजों के आधार पर यह कार्रवाई की है।
रेलवे के सहायक कार्मिक अधिकारी के खिलाफ एक करोड़ रुपये की हेराफेरी करने का आरोप लगा था। धनराशि पे-बिल सेक्शन में तैनात एपीओ लवकुश के हस्ताक्षर से भेजी गई थी। उनके खिलाफ चार्जशीट जारी की गई थी। साथ ही उन्हें पे-बिल सेक्शन से हटाकर दूसरा काम दे दिया था। इसी सेक्शन में तैनात लिपिक प्रफुल्ल पांडेय को भी हटाया गया था लेकिन 16 फरवरी को 21 को उन्हें फिर वहीं बहाल कर दिया गया। सितंबर 2020 में कार्मिक विभाग के चीफ ओएस (आफिस सुप्रीटेंडेंट) मोतीलाल मिश्रा पर भी कार्रवाई की गई लेकिन कुछ माह बाद वह फिर से उस पद पर काम करने लगे। एपीओ लवकुश को जारी मेजर पेनाल्टी चार्जशीट माइनर पेनाल्टी में तब्दील कर दी गई।
इस बीच यह मामला सीबीआई तक पहुंचा तो उसने दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर पड़ताल शुरू कर दी। बीते शुक्रवार को प्रयागराज पहुंची सीबीआई ने एपीओ के कार्यालय और घर में छानबीन की। कई दस्तावेज जब्त किए। साथ ही संबंधित अन्य लिपिकों से पूछताछ की। रेलवे में सीबीआई जांच शुरू होने से हड़कंप मचा हुआ है। सीबीआई की जांच में कुछ और चेहरे भी सामने आ सकते हैं।

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