( विनय मिश्रा ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। गंगा हमारे लिए सिर्फ एक नदी नहीं, बल्कि सभ्यता और संस्कृतियों का प्रवाह है। गंगा को प्रदूषण मुक्त करने और इसकी धारा की अविरलता को सुनिश्चित करने के प्रयास दशकों से जारी है। इसी कड़ी में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कंधों पर एक अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। इविवि के अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञ की ओर से गंगा की निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही प्रयागराज में गंगा तीरे के सभी गांवों का सर्वे किया जाएगा। विश्वविद्यालय के एनएसएस, एनसीसी छात्र छात्राओं के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा। ताकि गंगा को प्रदूषण मुक्त किया जा सके। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के आदेश व कुलपति के निर्देश पर रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ल ने पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। रसायन विज्ञान विभाग के प्रो. आईआर सिद्दीकी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इसमें भूगोल विभाग के अध्यक्ष प्रो. एआर सिद्दीकी, डॉ. मनोज सिंह, डॉ. प्रिया केसरी और डॉ. ऋचा मिश्रा सदस्य बनाए गए हैं। आईआईटी कानपुर के सहयोग में कमेटी काम करेगी।
प्रो. एआर सिद्दीकी ने बताया कि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों की ओर से प्रयागराज के गंगा तटीय गांवों में सर्वे किया जाएगा। किस प्रकार से गंगा में प्रदूषण रोका जा सकता है। इसके साथ ही प्रदूषित क्षेत्रों को चिह्नित किया जाएगा। प्रदूषण रोकने के लिए तटीय के गांवों में व्यापक तौर पर अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।