
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद बुलंदशहर को विवाहित पुत्री की मृतक आश्रित कोटे में अनुकंपा नियुक्ति पर विचार करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने कहा कि विमलाश्रीवास्तव सहित कई मामलों में कानून की व्याख्या करते हुए स्पष्ट कहा गया है कि विवाहित पुत्री भी विवाहित पुत्र की तरह परिवार में शामिल है इसलिए उसे नौकरी देने से इनकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने इसी के साथ याची को नियुक्ति देने से इनकार करने के अधिशासी अधिकारी के आदेश को रद्द कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने सीमा रानी की याचिका पर दिया है।
याची के अधिवक्ता आशीष कुमार सिंह का कहना था कि याची की मां नगर पालिका परिषद में सफाई कर्मचारी थी। सेवाकाल में उनकी मृत्यु हो गई। याची को शादीशुदा होने के नाते परिवार का न मानते हुए नियुक्ति देने से इनकार कर दिया गया है।