
(विनय मिश्रा)प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा व जिलाधिकारी आजमगढ़ से मिड डे मील योजना के तहत कार्यरत रसोइयों के मानदेय मामले में व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है। कोर्ट ने उनसे पूछा है कि इन रसोइयों को समान कार्य समान वेतन के सिद्धांत के तहत न्यूनतम वेतन क्यों नहीं दिया जा सकता।
यह आदेश न्यायमूर्ति नाहिद आरा मुनीस एवं न्यायमूर्ति एसडी सिंह की खंडपीठ ने रसोइया संघ ब्लाक अहरौला की तरफ से दाखिल याचिका पर दिया है। याचिका में कहा गया है कि रसोइयों को प्रतिमाह एक हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है। सभी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में मिड डे मील योजना के तहत रसोइयों की मानदेय पर नियुक्ति की गई है।
इससे पहले विशेष सचिव बेसिक ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि मानदेय बढ़ाकर दो हजार रुपये किया जा रहा है। इस पर कोर्ट ने पूछा कि न्यूनतम वेतन क्यों नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने सरकारी अधिवक्ता बीपी सिंह कछवाहा से रसोइयों के काम का समय और न्यूनतम वेतन देने के मामले में प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा का व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने को कहा है।