विस्फोट के लिये बिना रजिस्ट्रेशन के ई-रिक्शा के इस्तेमाल की थी योजना

मसीरुद्दीन को मिली थी ई-रिक्शा चालकों से संपर्क करने की जिम्मेदारी, लखनऊ में आतंकियों की गिरफ्तारी का मामला

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। लखनऊ में पकड़े गए आतंकियों मिनहाज और मसीरुद्दीन से पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। पता चला है की आतंकी विस्फोट के लिए बिना रजिस्ट्रेशन वाले ई-रिक्शा के इस्तेमाल की योजना बना रहे थे। इस काम का जिम्मा मिनहाज ने मसीरुद्दीन को सौंपा था। जानकारी तो यह भी आई है कि मसीरुद्दीन लगभग डेढ़ दर्जन ई रिक्शा चालकों के संपर्क में था। आतंकी साजिश का सबसे प्रमुख चेहरा मिनहाज था। यह खतरनाक और घातक विचारधारा वाला व्यक्ति है। यही पूरे मिशन को ऑपरेट कर रहा था। यह पाकिस्तान और कश्मीर में बैठे अपने हैंडलर की मंशा को पूरा करने में जुटा था। मिनहाज ने ही अपने कश्मीरी हैंडलर से बात कराकर मसीरुद्दीन को साजिश में शामिल किया। वह धार्मिक कट्टरता के चलते आतंकी साजिश में शामिल हुआ। एटीएस उन रिक्शा चालकों की पहचान करने में जुटी है जो मसीरुद्दीन के संपर्क में थे।

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