घोटाले में आरोपी अफसरों व पुलिस पर कार्रवाई का निर्देश

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चंदौली जिले में 2011 से जारी धान-गेहूं खरीद घोटाले के आरोपी अधिकारियों सहित इन्हें अदालत में पेश किए बगैर चार्जशीट दाखिल करने वाले पुलिस अफसरों पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। साथ ही पांच अगस्त को कृत कार्यवाही की रिपोर्ट मांगी है।
यह आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति एमएन भंडारी एवं न्यायमूर्ति अजय त्यागी की खंडपीठ ने ओम प्रकाश गुप्ता की जनहित याचिका पर दिया है। इससे पहले कोर्ट ने अपर महाधिवक्ता से इस संबंध में जानकारी मांगी थी तो उन्होंने ने कोर्ट को बताया कि सभी अभियुक्तों को सीआरपीसी की धारा 41ए का नोटिस दिया गया है। इसके तहत पुलिस को अदालत से वारंट लिए बगैर आरोपी को गिरफ्तार करने का अधिकार मिल जाता है। कोर्ट ने पूछा था कि बिना गिरफ्तारी व अदालत में पेशी के किस प्रावधान में चार्जशीट दाखिल की गई। आरोपी अधिकारियों के खिलाफ आठ मामलों में से सात में चार्जशीट दाखिल है। एक में नकारात्मक अंतिम रिपोर्ट लगी है। विचारण अदालत ने संज्ञान भी ले लिया है।
याचिका में घोटाले की सीबीआई जांच की मांग की गई है। याचिका पर अधिवक्ता एसके मिश्र ने बहस की। इनका कहना है कि चंदौली के अधिकारियों व मिल मालिकों की मिलीभगत से किसानों से मामूली खरीद की जा रही है और अधिकांश खरीद बिचौलियों के माध्यम से की जा रही है। याची ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई तो उसके खिलाफ वाराणसी के कैंट थाने में सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसकी भी शासन ने आख्या मांगी है। याची की शिकायत की जांच हुई, जिसमें चार्जशीट दाखिल की गई है लेकिन आरोपी अधिकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर अदालत में पेश नहीं किया है।केवल दो केस में कोर्ट से राहत मिली है। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है।

Exit mobile version