भर्ती परीक्षा केंद्रों पर इस बार से होगा यह बदलाव
( विनय मिश्रा )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग भर्ती परीक्षाओं में किसी भी तरह की सेंधमारी रोकने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों को लाइव प्रसारण कैमरे से जोड़ेगा। इसका मकसद मुन्ना भाइयों की नकल कराने के लिए अपनाई जाने वाली चालबाजियों को रोकना है। पहले चरण में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा यानी पेट के दौरान इसका इस्तेमाल किया जाएगा। आगे चलकर सभी भर्ती परीक्षाओं में इसे अपनाया जाएगा।
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग प्रारंभिक अर्हता परीक्षा 20 अगस्त को प्रदेश के सभी 75 जिलों में दो पालियों में आयोजित कराएगा। परीक्षा में 20.73 लाख परीक्षार्थी बैठेंगे। इसमें शामिल होने वाला ही भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए पात्र होगा। आयोग का मानना है कि चूंकि यह बहुत बड़ी परीक्षा है, इसमें सेंधमारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसीलिए प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों को पहली बार लाइव प्रसारण व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। आयोग मुख्यालय में इसका कंट्रोल रूम बनाया जाएगा और इसे यहां पर लाइव देखा जा सकेगा। इससे किसी भी परीक्षा केंद्र पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होते ही तुरंत पकड़ा जा सकेगा।
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग प्रारंभिक अर्हता परीक्षा में धांधली रोकने के लिए साइवर विशेषज्ञों की मदद भी लेगा। इसका मकसद हर स्तर पर लीकेज रोकना है। इसके लिए आईटी विशेषज्ञों की एक टीम भी लगाई जाएगी, जिससे गड़बड़ी होने पर उसे तुरंत पकड़ा जा सके। सभी केंद्रों को लाइव प्रसारण व्यवस्था से जोड़ने के लिए एजेंसी का चयन हो चुका है। प्रदेशभर के जिलाधिकारियों से केंद्र बनाने को लेकर प्रथम चरण की बातचीत भी हो चुकी है। जिलों से परीक्षा केंद्र बनाने के लिए सूची मांगी जा चुकी है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष प्रवीर कुमार 22 अगस्त को परीक्षा को लेकर प्रदेशभर के मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों व डीआईओएस के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर तैयारियों की समीक्षा भी करेंगे।
यूपीएसएसएससी के अध्यक्ष प्रवीर कुमार ने बताया कि भर्ती परीक्षाओं में धांधली रोकने के लिए लाइव प्रसारण व्यवस्था से सभी केंद्रों को जोड़ा जाएगा। केंद्रों पर इसके लिए कैमरे लगवाए जाएंगे, जिससे परीक्षा में नकल करने वालों पर नकेल लगाया जा सके।