शिक्षक नियुक्ति और वेतन भुगतान पर उठाए सवाल

( विनय मिश्रा ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय के डिप्टी रजिस्ट्रार प्रभाष द्विवेदी ने विश्वविद्यालय की कार्य प्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डिप्टी रजिस्ट्रार ने कुलपति को पत्र लिखकर नियुक्त 26 शिक्षकों का वेतन परीक्षा विभाग की ग्रांट से दिए जाने पर आपत्ति जताई है। आरोप लगाया है कि मदांतरण किया जाना नियम विरुद्ध है। इसके लिए विवि का वित्त विभाग जिम्मेदार है। उन्होंने लेखाधिकारी और वित्त अधिकारी पर उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है।
डिप्टी रजिस्ट्रार ने कुलपति को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि तत्कालीन कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव के कार्यकाल में आरक्षण नियमों का उल्लंघन कर 26 शिक्षकों की नियुक्ति की गई। इन शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए उत्तर प्रदेश शासन की ओर से अभी तक कोई ग्रांट नहीं निर्गत किया गया। ऐसे में इन शिक्षकों के वेतन का भुगतान परीक्षा मद से किया जा रहा है। यह वित्तीय नियमों का खुला उल्लंघन है।
प्रभाष द्विवेदी ने कहा कि यदि परीक्षा मद से वेतन भुगतान किया जाना है तो शासन की अनुमति लेना था। उन्होंने बताया कि पूर्व में तत्कालीन कुलपति से भी शिकायत की गई थी। अब इन शिक्षकों का वेतन रोककर पूर्व में निर्गत वेतन और अन्य भत्तों के कटौती की जाए।

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