टीटीई लाबी का डिजिटलाइजेशन के साथ सीसीटीवी होगा

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। प्रयागराज जंक्शन के टीटीई लाबी में ड्यूटी लगाने के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर कर गड़बड़ी करने का मामला सामने आया तो महकमे में खलबली मच गई।अब विभाग के अधिकारी और विजिलेंस की टीम मामले की जांच कर रही है।

जोन के दोनों मंडलों में की जा रही गोपनीय जांच

शिकंजा कसे जाने पर कई अफसर व कर्मियों के होश फाख्ता हैं। बताया जा रहा है कि जांच में कई बड़े अफसर भी दायरे में आ सकते हैं। वहीं, रेलवे की ओर से मामले में डैमेज कंट्रोल के लिए आधुनिकीकरण शुरू कर दिया गया है।

*टीटीई लाबी का डिजिटलाइजेशन के साथ सीसीटीवी होगा*

रोस्टर पर फर्जी हस्ताक्षर कर घर बैठे कई टीटीई के वेतन व भत्ता लेने का मामला सामने आया तो जांच शुरू की गई। आरोप है कि रोस्टर के नाम पर चहेतों की मनचाही ट्रेनों में ड्यूटी लगाने का खेल किया जाता है। इस व्यवस्था में सुधार करने के लिए टीटीई लाबी का डिजिटलाइजेशन कराया जा रहा है। इस क्रम में रोस्टर आनलाइन किया जा रहा है, ताकि भविष्य में छेड़छाड़ न की जा सके। ई-लाबी साफ्टवेयर में कर्मचारियों का डाटा (नाम, पदनाम) अपलोड किया जा रहा है। लॉबी में सीसीटीवी लगाया जा रहा है।

*फर्जीवाड़ा रोकने के लिए यह है तैयारी*

रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक उपकरण लगाए जाने के बाद डयूटी के नाम पर गड़बड़ी नहीं की जा सकेगी। इसके अलावा टीटीई लाबी की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे से लैस किया जा रहा है। कर्मचारियों की हाजिरी के लिए बायोमीट्रिक अटेंडेंस सिस्टम भी शुरू कर दिया गया है। उपकरण लगाने का काम जारी है।फिलहाल करीब 80 फीसद काम भी पूरा कर लिया गया है। सीनियर डीसीएम-2 विपिन कुमार सिंह के मुताबिक, प्रयागराज जंक्शन के अलावा प्रयागराज छिवकी और टूंडला में भी सीसीटीवी लगाया जा रहा है।

*जोन के दोनों मंडलों में की जा रही गोपनीय जांच*

प्रयागराज में कार्रवाई के बाद अब जोन के अन्य दोनों मंडलों में भी गोपनीय जांच शुरू कर दी गई है। प्रयागराज मेें रोस्टर पर गलतियां पकड़ में आने के बाद सीआइटी लाइन में कई कर्मचारियों से पूछताछ की गई। मामला सुर्खियों में आया तो सीआइटी को निलंबित भी किया गया। अब शिकायत के आधार पर कानपुर, टूंडला, झांसी व आगरा में भी रोस्टर में लेनदेन कर खेल करने के मामले में जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि रोस्टर की खामियां उजागर हों, इसके पहले सुधार की भी कवायद शुरू हो गई है।

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