( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। साइबर अपराधियों के गढ़ जामताड़ा गैंग के सक्रिय सदस्य मोहन कुमार मंडल और जनसेवा केंद्र संचालक चंद्रभान सिंह यादव की गिरफ्तारी के बाद करीब 30 जनसेवा केंद्र संचालक साइबर पुलिस के रडार पर आ गए हैं।
दो शातिर गिरफ्तार हुए तो मिली गड़बड़ी की जानकारी
अभियुक्तों से पूछताछ के बाद पुलिस को कुछ ऐसे सुराग मिले हैं, जिसके आधार पर उनके बारे में छानबीन तेज कर दी गई है।
पुलिस का कहना है कि साइबर शातिरों का गिरोह प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़ समेत कई जिले में फैला हुआ है। गिरफ्त में आए अभियुक्तों के मोबाइल की काल डिटेल रिपोर्ट से इस बारे में जानकारी मिली है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि किस संचालक का कौन से गैंग से कनेक्शन है। कुछ जिले में खोले गए जनसेवा केंद्र के जरिए साइबर अपराधी अपनी काली कमाई को एक नंबर में तब्दील करते हैं। इस काम के लिए वह संचालकों को अलग-अलग कमीशन देते हैं। अब तक प्रयागराज के 10 जनसेवा केंद्रों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। यहां काम करने वाले कतिपय लोग अपराधियों के मोबाइल एप व एकाउंट से पैसा ट्रांसफर करते हैं। अब उनके खिलाफ साइबर अपराधियों से मिलीभगत और दूसरे तरह के साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं। ठोस सुबूत मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की तैयारी है। बुधवार को साइबर थाने की पुलिस ने कौशांबी के चंद्रभान यादव और झारखंड के मोहन मंडल को रिटायर किला कर्मचारी घनश्याम से करीब 16 लाख रुपये की ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस अब इस गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।