
(अनुराग शुक्ला) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। भारत आत्मनिर्भर कैसे बने जब उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज जोन के अधिकारियों द्वारा ही आत्मनिर्भर भारत के मूल मंत्र का खुलेआम उल्लंघन करते पाए गए हैं ।
खुद घर बैठे रहे और सीयूजी को ट्रेन में घुमाते रहे सीटी कर्मी
रोस्टर मामले में अनुराग दर्शन द्वारा उठाए गए भ्रष्टाचार के मुद्दों पर रेल मंत्रालय ने पूरे भारत में गार्ड और ड्राइवर के साइन इन साइन आउट की तर्ज पर पूरे भारत के टीटी भी साइन इन ओर साइन ऑफ प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। ट्रेनों में ड्यूटी लगने वाले सिटी को स्टेशन के अलावा लॉबी हाल और कम्यूटर पर भी साइन इन ओर साइन ऑफ की पूरी प्रक्रिया करनी पड़ेगी। तभी टी टी की उपस्थिति पाई जाएगी।
विभाग से सम्बन्धित एक अन्य कर्मी ने जानकारी देकर बताया कि रोस्टर पर फर्जी हस्ताक्षर कर वेतन लेने वाले टिकिट चेकिंग स्टाफ के कुछ लोग इतने शातिर थे।
कि उन्होंने पकड़े जाने की सारी सम्भावना पर जालसाजी वाला दिमाग लगा दिया। उक्त टिकिट निरीक्षक ने अपने सीयूजी नम्बर उन साथी कर्मी को पकड़ा दिए जो ट्रेन में ड्यूटि पर नियुक्त थे।
ऐसा इसलिए किया गया कि भविष्य में कभी उनकी कारगुजारी पकड़ने के लिए सीयूजी मोबाइल की लोकेशन निकाली जाए तो वह उससे साफ बच जाएँ।
श्रमिकों से वसूली कर करते रहे भरपाई रेलवे ने जिन टिकिट निरीक्षक को राजस्व बढोतरी और बिना टिकिट यात्रा करने वालों को पकड़ कर उनसे जुर्माना वसूलने के लिए तैनात किया था।
वही टिकिट निरीक्षक स्टेशन के बाहर गरीब श्रमिकों की जेब ढीली कराकर अपना निर्धारित लक्ष्य पूरा करने में जुटे रहे। नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर मण्डल के एक टिकिट निरीक्षक ने बताया कि कोरोना काल के दौरान जिन टिकिट निरीक्षक की ड्यूटि ट्रेन में टिकिट चेकिंग को लगाई गई थी ।
वह ट्रेन में न जाकर स्टेशन के मुख्य द्वार और परिसर में खड़े रहकर ट्रेन से आने-जाने वाले श्रमिकों से वे मतलब का जुर्माना वसूलते रहे।
किसी से थूकने के नाम पर तो किसी से मास्क न लगाने के नाम पर जुर्माना वसूल कर टारगेट पूरा करने की कोशिश की गई। वह इसकी जांच होने के बाद दोषी अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया गया और रेल मंत्रालय ने 6 अगस्त से पूरे भारत में टीटी की उपस्थिति के लिए साइन इन ओर साइन ऑफ की व्यवस्था लागू की।