प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राम जन्मभूमि न्यास से जुड़े चंपत राय के भाई को बदनाम करने वाली पोस्ट सोशल मीडिया पर डालने के मामले में वरिष्ठ पत्रकार विनीत नारायण व रजनीश कपूर की गिरफ्तारी पर लगी रोक बढ़ा दी है। दोनों पत्रकारों ने झूठी फेसबुक पोस्ट हटा ली है।
कोर्ट ने एसपी बिजनौर को अगली सुनवाई पर विवेचना की प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी एवं न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश उपाध्याय व एडवोकेट शिवम यादव को सुनकर दिया है।
दोनों पत्रकारों के खिलाफ बिजनौर के नगीना थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। जिसमें सोशल मीडिया पर झूठी पोस्ट डालकर बदनाम करने का आरोप लगाया गया है। इसी मामले में एसपी बिजनौर धर्मवीर सिंह द्वारा लापरवाही से आधा अधूरा नोटरी हलफनामा दाखिल करने पर कोर्ट ने फटकार लगाई थी और सही हलफनामा दाखिल करने को कहा था। उसके बाद नया हलफनामा दाखिल किया गया। शिकायतकर्ता के अधिवक्ता कृष्णा अग्रवाल ने कहा कि यदि याची अपनी फेसबुक पोस्ट हटा लेते हैं तो उन्हें शिकायत नहीं रहेगी। इस पर कोर्ट ने पूछा कि याची फेसबुक पोस्ट हटाना चाहते हैं या नहीं। इस पर याची के अधिवक्ता ने जानकारी लेने के लिए समय मांगा और दस मिनट बाद कोर्ट को बताया कि फेसबुक पोस्ट हटा ली गई है। साथ ही याची भविष्य में ऐसी पोस्ट डालने में सावधानी बरतेंगे। एसपी ने कहा कि फोन पर धमकाने के अलावा अन्य कोई आरोप नहीं रह गया है। विवेचना जारी है, जो शीघ्र पूरी होगी। कोर्ट ने एसपी को अगली तिथि 10 अगस्त को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर विवेचना प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।
पत्रकारों पर आरोप है कि उन्होंने ट्विटर व फेसबुक पर देश के प्रधानमंत्री, यूपी के मुख्यमंत्री व आरएसएस सर संघ चालक मोहन भागवत का ध्यान आकर्षित कर एक पोस्ट डाली और उसमें एनआरआई महिला अल्का लाहोटी के गौशाला की जमीन कब्जा करने का चंपत राय के भाई पर गलत आरोप लगाकर उनकी छवि धूमिल की है।
यह पोस्ट 17 जून को डाली गई और उसके तत्काल बाद चंपत राय के भाई संजय बंसल ने 19 जून 2021 को प्राथमिकी दर्ज कराई। यह भी कहा गया कि इस पोस्ट को डालकर धार्मिक उन्माद फैलाया गया है।Q