आजादी की 75वीं वर्षगांठ से पहले सभी अंग्रेजी कानून खत्म कर नया कानून बनाया जाए

( अनुराग शुक्ला ) मुंबई (अनुराग दर्शन समाचार )। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता और पीआईएल मैन के नाम से प्रसिद्ध अश्विनी उपाध्याय ने आज भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर जंतर मंतर पर भारत जोड़ो आंदोलन शुरू किया और 1860 में बने इंडियन पीनल कोड, 1861 में बने पुलिस ऐक्ट, 1863 में बने रिलिजियस एंडोमेंट ऐक्ट और 1872 में बने एविडेंस एक्ट सहित सभी 222 अंग्रेजी कानूनों को खत्म करने तथा भारत में समान शिक्षा, समान चिकित्सा, समान कर संहिता, समान दंड संहिता, समान श्रम संहिता, समान पुलिस संहिता, समान न्यायिक संहिता, समान नागरिक संहिता, समान धर्मस्थल संहिता और समान जनसंख्या संहिता लागू करने की मांग की।
भारत जोड़ो अभियान के संयोजक अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि जब तक घटिया 222 अंग्रेजी कानून खत्म नहीं होंगे तब तक जातिवाद भाषावाद क्षेत्रवाद अलगाववाद कट्टरवाद मजहबी उन्माद माओवाद नक्सलवाद तुष्टीकरण और राजनीति का अपराधीकरण कम नहीं होगा। जब तक घटिया 222 अंग्रेजी कानून खत्म नहीं होंगे तब तक चोरी लूट झपटमारी घूसखोरी जमाखोरी मिलावटखोरी कालाबाजारी कमीशनखोरी मुनाफाखोरी मानव तस्करी नशा तस्करी चंदन तस्करी हवाला कारोबार कालाधन और बेनामी संपत्ति कम नहीं होगी। जब तक घटिया अंग्रेजी कानून खत्म नहीं होगा तब तक रोहिंग्या बांग्लादेशी घुसपैठ और साम दाम दंड भेद द्वारा धर्मांतरण समाप्त नहीं होगा। उपाध्याय ने कहा कि 1861 का पुलिस ऐक्ट महा घटिया है। इस घटिया कानून के कारण पुलिस पहले अंग्रेजों की गुलामी थी और अब सत्ताधारी पार्टी की गुलाम है। 1990 में कश्मीर में दिनदहाड़े हत्या हुई थी, बहन बेटियों के साथ बलात्कार हुआ था, खुलेआम घर जलाया गया था और पलायन करने के लिए मजबूर किया गया था लेकिन पुलिस ने हवाई फायरिंग भी नहीं किया। आज तक कश्मीर के गुनाहगारों को सजा भी नहीं हुई। 1990 में कश्मीर के महा नरसंहार का मूल कारण 1861 में बना घटिया पुलिस ऐक्ट है। जो कुछ 1990 में कश्मीर में हुआ था वह सब कुछ दिन पूर्व बंगाल में भी हुआ लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही क्योंकि 1861 में बना पुलिस ऐक्ट बंगाल में भी लागू है।
उपाध्याय ने कहा कि अंग्रेजों ने 1863 में रिलिजियस एंडोमेंट ऐक्ट बनाकर हिंदू जैन बौद्ध और सिख के धर्मस्थलों पर कब्जा कर लिया और वह कानून आज भी चल रहा है। आज भारत के 4 लाख मंदिरों पर सरकार का कब्जा है लेकिन एक भी मस्जिद, चर्च, मजार या दरगाह सरकार के कंट्रोल में नहीं है, इसीलिए अंग्रेजी कानूनों को बदलना नितांत आवश्यक है। कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी डॉक्टर आनंद कुमार, वरिष्ठ नौकरशाह आर वी एस मणि, लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी, सामाजिक कार्यकर्ता भाई प्रीत सिंह और अनिल चौधरी, आध्यात्मिक गुरु स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती, कालका पीठाधीश्वर महंत सुरेंद्र नाथ, स्वामी यतींद्रानंद गिरी और महाभारत में युधिष्ठिर का किरदार निभाने वाले गजेंद्र चौहान इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।

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