विन्ध्यवासिनी कॉरिडोर में मन्दिरों के साथ न हो खिलवाड़

( सुमित पांडे ) मीरजापुर (अनुराग दर्शन समाचार)। हिन्दूवादी संगठन विश्व हिन्दू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण पाठक ने सोमवार को
जिलाधिकारी से पत्र-व्यवहार कर विन्ध्यवासिनी परिसर में प्राचीन श्री राधा-कृष्ण, भैरव, फूलमती, सरस्वती, हनुमान, पानी टंकी वाली भैरवजी और मां अन्नपूर्णा मन्दिर को मनमाने ढंग से हटाए जाने के सम्बंध में उचित कार्रवाई कर मन्दिर को पुनःस्थापित करने की मांग की है। बतादें, हिन्दूवादी नेता अरुण पाठक ने जिला प्रशासन से यह भी कहा है कि परिसर में एक शिव मन्दिर को कॉरिडोर से बाहर कर दिया गया है। यह बीते जुलाई माह का मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मन्दिर में कार्यरत कर्मचारियों के अनुसार देवी-देवताओं की कई मूर्तियों को परिसर से हटा दिया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन में सुविधा हो सके। अरुण ने कहा कि सुविधालोभी सरकार और प्रशासन अब हिन्दू धर्म के साथ मजाक कर रही है। हिन्दुओं की आस्था को नीचा
दिखाया जा रहा है। मन्दिर में देवी-देवताओं के मूलभूत स्वरूपों को हटाना घोर पाप के समान है।

विश्व हिन्दू सेना ने जिला प्रशासन को लिखा पत्र कार्रवाई की मांग

कहा- मन्दिरों के नाम पर राजनीति न करें भाजपा

उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ही भाजपा नेता अमित शाह ने विन्ध्वासिनी कॉरिडोर का
उद्घाटन और निरीक्षण किया था। उनका यह काम सिर्फ राजनीतिक है। भाजपाजनों ने विन्ध्वासिनी
कॉरिडोर की तरह विश्वनाथ कॉरिडोर का भी यही हाल कर दिया है। यहां भी कई मंदिरों के साथ अतिप्राचीन अक्षयवट को भी गिरा दिया गया। यह सरकार मन्दिरों के नाम पर हिन्दुओं को सिर्फ बरगला रही है। कहा कि आज हम मुगलों को इसलिए याद करते हैं उसने कई हिन्दू मन्दिरों को तोड़ दिया था। भाजपा ने भी विश्वनाथ कॉरिडोर के नाम पर कई मंदिरों को तोड़ा है, उसी तरह विन्ध्वासिनी कॉरिडोर में भी यही काम चल रहा है।

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