
( अनुराग शुक्ला )
दूसरा नौहा:- *कहती थीं जनाज़े पे लैला अली अकबर!*
*हो माँ का सहारा मेरी दुनिया अली अकबर!!*
ग़मगीन नौहों पर अन्जुमन ग़ुन्चा ए कासिमया के सदस्यों की पुरज़ोर तरीके से मातम की सदाएँ गूँजने लगी।नौहे के मसायबी पंकितयों पर लोग सिसकियाँ ले कर गिरया ओ ज़ारी करते रहे।मजलिस मे नासिर ज़ैदी,खुशनूद रिज़वी,रिज़वाद हैदर जव्वादी, मिर्ज़ा अज़ादार हुसैन सै०मो०अस्करी,फरीद रज़ा हसनैन अख्तर,हुसैन रज़ा फरमान रज़ा,ज़हीर अब्बास नक़वी,नजमुल हसन,बाशू भाई,महमूद,शीराज़,अली रज़ा रिज़वी,ज़ामिन हसन,फरमान रिज़वी,फुरक़ान रिज़वी आदि लोग शामिल रहे।
*इमामबाड़ा हुसैन अली खाँ दरियाबाद मे आज निकलेगा ग़ाज़ी अब्बास का अलम,ताबूत व ज़ुलजनाह*
माहे मोहर्रम की तीसरी शुक्रवार को रात १० बजे दरियाबाद स्थित इमामबाड़ा हुसैन अली खाँ मे अशरे की तीसरी मजलिस मे मर्सियाख्वानी व ज़िक्रे शोहदाए करबला के बाद शबीहे ताबूत,ग़ाज़ी अब्बास का अलम व ज़ुलजनाह की ज़ियारत कराई जाएगी।अन्जुमन हाशिमया के नौहाख्वान सफदर अब्बास डेज़ी पुरदर्द नौहा पढ़ेंगे।आयोजक ज़ौरेज़ हैदर ने उक्त सूचना देते हुए बताया की कोविड गाईड लाईन के नियमों का पालन करते हुए इमामबाड़े के अन्दर ही सभी कार्यक्रम सम्फन्न होंगे।मास्क व सैनिटाईज़र की व्यवस्था इमामबाड़े के गेट पर रहेगी।बिना मास्क के किसी को भी इमामबाड़े मे प्रवेश नहीं करने दिया जायगा।