
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। उत्तर प्रदेश में बीजेपी की योगी सरकार बने हुए 4 वर्ष से अधिक हो चुके हैं। और उत्तर प्रदेश के सीएम कई बार सड़क गड्ढा मुक्त का वादा कर चुके हैं ।
लेकिन आज तक सड़कें गड्ढा मुक्त नहीं हुई । सीएम की बातें भी पीएम की तरह जुमलेबाजी साबित हुई। प्रयागराज मे सड़कें टूटी फूटी गड्ढे दार क्षतिग्रस्त एवं पूरी तरह बर्बाद हैं ।
इन सड़कों की दुर्दशा सुधारने के लिए कई बार ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन AIMIM का प्रतिनिधिमंडल अफ़सर महमूद मंडल प्रवक्ता एवं युवा नेता इफ्तेखार अहमद मंदर की अध्यक्षता में महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी एवं नगर आयुक्त को नगर निगम में जाकर अवगत करा चुका है ।
करेली के विभिन्न क्षेत्रों की सड़कें चलने योग्य नहीं है । जिसमें खासतौर से करेली की मुख्य सड़कें एवं वार्ड नंबर 63 एवं वार्ड नंबर 80 की इन सड़कों पर चलना दुर्घटना को दावत देना और घायल एवं जान गवाने जैसा है। लेकिन शासन और प्रशासन सुध नहीं ले रहा है ।कान में तेल डालकर सो रहा है ।और यह पूछने पर कि सड़क क्यों नहीं बन रही है जवाब मिलता है कि बजट नहीं प्रयागराज की जनता जानना चाहती है। की बजट कब आएगा और कब हमें बर्बाद सड़कों से मुक्ति मिलेगी उत्तर प्रदेश के सीएम योगी ने इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज रखा और जनता की गाढ़ी कमाई के सैकड़ों करोड़ रुपए नाम बदलने में बर्बाद कर दिए अगर यही सैकड़ों करोड़ रुपये जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे से आप प्रयागराज नाम की योजना लाते और उससे शहर की दुर्दशा सुधारते तो लोग सदियों तक गर्व से प्रयागराज योजना को याद रखते । बीजेपी का सारा विकास कागज पर है । जमीन पर सिर्फ और सिर्फ बर्बादी के निशान है इससे पहले भी बहुत सी सरकार थी।
मगर किसी भी सरकार मे इतनी बदहाल सड़कें कभी नहीं रही। मोहर्रम एवं रक्षाबंधन का त्यौहार चल रहा है। ऐसे में लोग बड़ी संख्या में अपने घरों से निकलेंगे किसी भी प्रकार की दुर्घटना एवं अनहोनी से प्रयागराज की जनता को बचाने के लिए जल्द से जल्द मलबा डालकर सड़क को कम से कम गड्ढा मुक्त कर दिया जाए ।