
राजनीतिक पेंशन मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने सदन में रखा प्रस्ताव
विपक्ष ने लोकतंत्र सम्मान राशि को बताई सपा सरकार की उपलब्धि
मंत्री नन्दी ने दिया जवाब, बोले मुलायम सिंह ने शुरू किया तो बुआ ने कर दिया था बंद
(अनन्त पाण्डेय )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। लोकतंत्र सेनानियों के निधन के पश्चात उनके आश्रितों को मिलने वाली सम्मान राशि में विलम्ब न हो और आश्रितों को परेशान न होना पड़े, इसके लिए कैबिनेट और विधान मंडल में चर्चा के बाद उत्तर प्रदेश लोकतंत्र सेनानी सम्मान संशोधन का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश के नागरिक उड्डयन, अल्पसंख्यक कल्याण, राजनीतिक पेंशन मुस्लिम वक्फ एवं हज कल्याण मंत्री शहर दक्षिणी विधायक नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने विधानसभा में रखा जिसे चर्चा के बाद सर्व सम्मति से पास कर दिया गया। उत्तर प्रदेश लोकतंत्र सेनानी सम्मान (संशोधन) विधेयक पास होने का सीधा फायदा लोकतंत्र सेनानी के आश्रितों एवं उत्तराधिकारी को होगा। मंत्री नन्दी ने बताया कि अभी तक लागू विधेयक में लोकतंत्र सेनानी के निधन के बाद आश्रित को मिलने वाली सम्मान राशि कब मिलेगी और कब से मिलेगी, यह कुछ भी निर्धारित नहीं था। सम्मान राशि पाने में कई महीने लग जाते थे। लेकिन विधेयक में संशोधन के बाद अब ऐसा नहीं होगा। मंत्री नन्दी ने सदन में प्रस्ताव रखा तो विपक्ष ने विधेयक को अपनी उपलब्धि बताई, जिसका जवाब देते हुए मंत्री नन्दी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने बड़ी अच्छी बात कही कि मुलायम सिंह यादव ने इसको शुरू किया था, लेकिन उसके बाद अखिलेश यादव की बुआ (मायावती) ने बंद कर दिया था, यह नहीं बताया। हमारी सरकार ने जुलाई 2018 में एक साथ पांच हजार रुपये बढ़ाकर 20 हजार रुपये सम्मान राशि देने का निर्णय लिया। इसमें जो विसंगतियां थी उन्हें दूर किया गया है। सरकार ने निर्णय लिया है कि जिस दिन लोकतंत्र सेनानी का निधन होगा, उसके तीन महीने के भीतर प्रार्थनापत्र दिया गया तो मृत्यु के अगले दिन से ही उनको सम्मान राशि मिलेगी। यदि लोकतंत्र सेनानी के निधन के तीन माह बाद भी आवेदन किया जाता है तो आवेदन के दिन से ही सम्मान राशि मिलने लगेगी।