अपर निजी सचिव (एपीएस) 2013 भर्ती निरस्त

( अनंत पांडेय )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने अपर निजी सचिव (एपीएस) 2013 भर्ती को निरस्त कर दिया है। 176 पदों के लिए आयोग ने 2013 में विज्ञापन जारी किया था। जिसके लिए तकरीबन चार हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।सचिव जगदीश का कहना है कि नियमावली के विरुद्ध विज्ञापन होने के कारण आयोग ने भर्ती निरस्त कर दी है। आयोग ने नऐ सिरे से भर्ती शुरू करने का निर्णय लिया है। जल्द ही विस्तृत कार्यक्रम जारी करेंगे। भर्ती अगले छह महीने में पूरी कर ली जाएगी।

जिन अभ्यर्थियों ने पूर्व में आवेदन किया था वे सब मान्य होंगे चाहे ओवरएज ही क्यों न हो गए हों। भर्ती प्रक्रिया निरस्त करने का कारण विज्ञापन में गलती होना है।
29 अगस्त 2001 की नियमावली में आशुलेखन और हिन्दी टंकण में गलती के लिए कोई छूट नहीं थी। लेकिन चहेतों का चयन करने के लिए आयोग की ओर से जारी विज्ञापन में 8 प्रतिशत तक की गलती मान्य कर ली गई थी।
इस भर्ती के लिए सामान्य ज्ञान/सामान्य हिंदी की परीक्षा 11 अक्टूबर 2015 को आयोजित की गई थी। हिंदी आशुलेखन और हिंदी टंकण की परीक्षा 16 से 25 फरवरी 2016 तक हुई थी।
5 सितंबर 2018 को घोषित परिणाम में 1047 अभ्यर्थियों को तीसरे चरण की कम्प्यूटर ज्ञान परीक्षा के लिए औपबंधिक रूप से सफल घोषित किया गया था लेकिन कम्प्यूटर ज्ञान परीक्षा से पहले अभ्यर्थी कोर्ट चले गए और मामला फंस गया। अब तक भर्ती पूरी नहीं हो सकी थी।
एपीएस भर्ती 2010 में भी यही गड़बड़ी की गई थी। जिसमें आयोग के तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आईएएस प्रभुनाथ के खिलाफ सीबीआई ने 4 अगस्त को दिल्ली मुख्यालय में मुकदमा दर्ज किया था। उसके बाद से आयोग के अधिकारी अपर निजी सचिव भर्ती परीक्षा 2013 को लेकर मंथन कर रहे थे। आखिरकार आयोग ने किसी प्रकार के विवाद से बचने के लिए भर्ती निरस्त करने का निर्णय ले लिया है।

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