देह व्यापार के आरोपी सहानुभूति के हकदार नहीं

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जबरन देह व्यापार कराने में शामिल होने के आरोपी आकाश को जमानत पर रिहा करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि देह व्यापार समाज के विरुद्ध अपराध है। ऐसे अपराध के आरोपी सहानुभूति पाने के हकदार नहीं हैं। इसी के साथ कोर्ट ने आकाश की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।

यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह ने दिया है। मामले के तथ्यों के अनुसार पुलिस व एंटी ह्यूमन ट्रैफिक यूनिट ने गौतमबुद्ध नगर के एक गेस्ट हाउस में छापा मारकर चार लड़कियों को छुड़ाया। इस मामले की प्राथमिकी गत 28 फरवरी को सेक्टर 24 थाने में दर्ज कराई गई। मौके से जबरन देह व्यापार कराने के आधा दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया था, जिन्हें जेल भेज दिया गया। बरामद लड़कियों ने प्रेमजाल में फंसा कर देह व्यापार में ढकेलने का आरोप लगाया है।
याची का कहना था वह निर्दोष है। उसने एक सप्ताह पहले गेस्ट हाउस में नौकरी ज्वाइन की है। वहां क्या होता है, उसे नहीं मालूम। लेकिन लड़कियों के बयान अपराध की गंभीरता का खुलासा करने वाले हैं। पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। जिसमें बिहार व पश्चिम बंगाल की लड़कियों को झांसा देकर देह व्यापार में ढकेलने का आरोप है।

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