आरओ-एआरओ 2016 के अभ्यर्थियों की नहीं हुई तैनाती

( विनय मिश्रा )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार) । समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) 2016 भर्ती में चयनित 260 अभ्यर्थी रिजल्ट के पांच महीने बाद भी तैनाती के लिए परेशान हैं। इन अभ्यर्थियों ने आयोग से संपर्क किया तो 10 सितंबर तक कार्यभार ग्रहण कराने की जानकारी दी गई है। हालांकि इस भर्ती को लेकर कुछ विवाद अभी चल रहे हैं।
दरअसल इसकी प्रारंभिक परीक्षा पहली बार 27 नवंबर 2016 को हुई थी, लेकिन लखनऊ के एक केंद्र से व्हाट्सएप पर पेपर वायरल हो गया था। पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने इस मामले में लखनऊ के हजरतगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवाद इतना बढ़ा की आयोग ने परीक्षा निरस्त करके दोबारा 20 सितंबर 2020 को आरओ/एआरओ 2016 की प्रारंभिक परीक्षा कराई।
इस बीच आरओ/एआरओ 2017 के तहत एआरओ की अर्हता में कुछ संशोधन हुआ था जिसे आयोग ने 2016 भी लागू कर दिया। 2017 के कुछ अभ्यर्थियों ने संशोधन को लेकर हाईकोर्ट में याचिका कर दी। उसमें पारित होने वाला आदेश 2016 के अभ्यर्थियों को भी प्रभावित करेगा। इसी प्रकार इस भर्ती के विज्ञापन में नेगेटिव मार्किंग नहीं थी। लेकिन परीक्षा में देरी के बीच 2019 नेगेटिव मार्किंग का नियम लागू हो गया।
इसे भी लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने कोर्ट में याचिका कर रखी है। यही नहीं चयनित अभ्यर्थियों का पुलिस वेरीफिकेशन भी अब तक नहीं हुआ है। अभ्यर्थियों का कहना है कि 2017 के चयनितों को ज्वाइन कराने के साथ पुलिस वेरीफिकेशन कराया गया था। इसलिए इसमें भी कार्यभार ग्रहण कराते हुए वेरीफिकेशन की औपचारिकता पूरी की जाए।

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