
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार) । उत्तर मध्य रेलवे भ्रष्टाचार का पर्याय बन गया है। निदेशक स्टेशन प्रयागराज जंक्शन की मिलीभगत से ट्रेनों में सड़ा सड़ा एवं बदबूदार भोजन परोसा जा रहा है।
निदेशक प्रयागराज जंक्शन की मौन सहमति से हो रहा खेल
ट्रेनों के आते ही अवैध वेंडर गला गला एवं बदबूदार भोजन यात्रियों को परोस देते हैं। यात्री जब अगले स्टेशन पर पहुंचते हैं तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। निदेशक प्रयागराज जंक्शन बी के दुबे को इस संबंध में कई बार शिकायत की गई लेकिन उन्होंने वेंडरों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की। स्टेशन पर खराब भोजन एवं नाश्ते के चलते कई यात्री फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो गए।
अवैध वेंडरों के लिए खुलता है वीआईपी गेट
प्रयागराज जंक्शन के भीतर प्लेटफार्म ऊपर अवैध रूप से भोजन नाश्ता फल अन्य सामग्री खुलेआम बेची जा रही है। स्टेशन अधीक्षक बीके द्विवेदी के सरपरस्ती में सभी प्लेटफार्म ऊपर अवैध रूप से कोल्ड ड्रिंक मिनरल वाटर भोजन नाश्ता समोसा बिस्किट सहित अन्य जरूरी सामान यात्रियों को परोसा जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ कोल्ड ड्रिंक एवं मिनरल वाटर घटिया क्वालिटी की सप्लाई हो रही है। रेल सूत्र बताते हैं निदेशक की मिलीभगत से फूड इंस्पेक्टर कभी भी घटिया सामानों की चेकिंग नहीं करता। यही कारण है यात्रियों को सड़ा गला भोजन एवं निम्न स्तर का बिस्किट का पैकेट, नमकीन, एक्सपायरी डेट का कोल्ड्रिंक, मिनरल वाटर सप्लाई किया जा रहा है। कुछ यात्रियों ने बताया उन्हें सात और आठ नंबर प्लेटफार्म पर घटिया समोसा दिया गया। जब तक इसकी शिकायत की जाती ट्रेन आगे बढ़ चुकी थी।
एमआरपी से दुगना दाम वसूलते हैं वेंडर
स्टेशन परिसर में संचालित सभी दुकानों पर एमआरपी से अधिक पैसा नहीं वसूलने का आदेश है। लाइसेंसी वेंडर अपने अवैध साथियों के साथ एमआरपी पर सभी वस्तुओं के दुगने दाम वसूल किए जा रहे हैं। इस संदर्भ में कई वेंडरों से बातचीत की गई उन्होंने बताया कि एमआरपी से दुगना ना वसूलने पर कुछ भी नहीं बच पाता है। बिक्री का एक हिस्सा जीआरपी और आरपीएफ को देना पड़ता है। साथ में स्टेशन निदेशक को माहवारी सुविधा शुल्क दी जाती है। इस संबंध में एक शिकायत डीआरएम से की गई है। शिकायतकर्ता ने जांच करके अवैध वेंडरों को हटाए जाने की मांग की है।