
कौशाम्बी । इन दिनों विद्युत विभाग धडा -धड़ लोगो पर मुकदमा दर्ज करा रही है. जिस पर चायल विधायक संजय गुप्ता ने बिजली विभाग पर निशाना साधा है।
विधायक संजय गुप्ता ने कहा की अपने को आजम का रिश्तेदार बताने वाला अधीक्षण अभियन्ता कौशाम्बी तारिक अहमद व उनके एजेन्ट के रूप कार्य कर अधिषासी अभियन्ता अविनाश ने की सारी हदे पार कर दीं।
उन्होने आरोप लगाया बिजली छापेमारी के नाम पर ये लोग जम कर वासूली करते है. जब लेन देन की डील नहीं हो पाती है तो लोगो को F.I.R.कराते है। जबकि शासन की मंशा ये है कि कही कुछ अनियमितता है उसको नियमित कराया जाय है परंतु शासन के मंशा के विपरीत ये सम्भ्रान्त लोगो के घर पर छापे मारी करते है और कुछ न कुछ कमी बता कर fir की धमकी देते है. और fir न करने के बदले मे भारी रकम की डील की जाती है।
चायल विधायक संजय गुप्ता ने आरोप लगाया की अधीक्षण अभियन्ता कौशाम्बी तारिक जालीकल जो अपने आप को आजम का रिश्तेदार बताता है जब कोई उपभोक्ता शिकायत लेकर आता है तो लोगो से ये कहता है की और योगी व मोदी की सरकार बनवा लो अब झेलो।
विधायक ने आरोप लगाया की ये सरकारी कुर्सी पर बैठ कर सरकार को बदनाम करने का साजिश कर रहे हैं. इनके छापेमारी की कार्यवाही से एक वर्ग विशेष को बचाते हुये सिर्फ़ व्यापारी और शारीफ़ लोगो को निशाना बनाया जा रहा है.
जबकि सर्वविदित है बिजली की चोरी बड़े पैमाने पर हर जगह होती है. ये बिजली चोरी रोकने के नाम पर सिर्फ़ अपनी जेबो को भरने का काम करते है. और जहाँ पैसा नही मिलता उसके खिलाफ fir करवाते है.
विधायक संजय गुप्ता ने आरोप लगाया की विद्युत आफ़िस मे बिना दलालो के कोई काम नहीं होता है. बिल बढा के भेजना, और दलालो के माध्यम से बिल को सही करना और पुन: बिल बढ करके आना इस जनपद की आम समस्या है।
जिसको लेकर विधायक ने अधीक्षण अभियन्ता और अधिशासी अभियन्ता को कई बार फ़टकार लगाई और कार्यालय को दलालो से मुक्त कराने का निर्देश दिया. परंतु ये भ्रस्टाचारी शासन के मंशा के विपरीत सरकार को बदनाम करते हुये बिल को बढा कराके भेजना और उसको कम करने के नाम पर धन उगाही करना और तारिक जालील का ये कथन की और मोदी व योगी की सरकार बनवा लो और भुक्तो. ये इस बात को दर्शाता है ये सिर्फ़ सरकार को बदनाम करने की साजिश है.
चायल विधायक संजय गुप्ता ने कहा की ऐसे भ्रस्ट अधिकारिओ के खिलाफ मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री से शिकायत कर इनकी जांच कराके इनकी बर्खास्तगी की कार्यवाही की जायेगी।
एक तरफ़ सरकार आम जनता को भ्रस्टाचार मुक्त व्याव्स्था के साथ बिजली देना चाहती है दूसरी तरफ ये भ्रस्ट अधिकारी सरकार की मंशा के विपरीत व्यावस्था को चौपट करने मे लगे है।