मामला एक, दोषी दो, एक से काम दूसरे को आराम

सीसीएम के दबाव में विभागीय जांच हो रही प्रभावित

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। आज शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि सीसीएम के दबाव में जांच को प्रभावित किया जा रहा है। निलंबित सीआईटी एस के पांडे ने अभी तक अपना बयान दर्ज नहीं कराया है। बयान देने के लिए उन्हें कई बार बुलाया गया। सीसीएम के दबाव में दोनों सीआईटी वीके सिंह एवं एस के पांडे के खिलाफ चल रही जांच अभी तक शुरू नही हो सकी हैं।

*मामला एक, दोषी दो, एक से काम दूसरे को आराम*

फर्जी रोस्टर मामले में सीआईटी प्रशासन और सीआईटी रोस्टर दोनों दोषी पाए गए थे। इसी मामले में सीआईटी रोस्टर एस के पांडे को निलंबित किया जा चुका है। जबकि दोषी सीआईटी प्रशासन वी के सिंह को सिर्फ चार्जशीट दे दी गई। दोषी पाए गए सीआईटी श्री सिंह अभी भी पूर्ववत कार्य कर रहे है। वही माह भर पहले हुई एस एफ -5 कार्यवाही के बाद भी सीआईटी प्रशासन वी के सिंह को नही हटाया। सूत्रों ने बताया कि निलंबित सीआईटी एस के पांडे कार्यवाही के बाद से आफिस नही आ रहे हैं।

*वीके सिंह भी हैं रोस्टर के राजदार*

रोस्टर कांड में हुई धांधली में सीआईटी प्रशासन बीके सिंह की अहम भूमिका है। जांच में श्री सिंह को उत्तरदायी ठहराया गया है। इसके बावजूद उनको पद से नही हटाया जाना भ्रस्टाचार को बढ़ावा दे रहा है। यही कारण है कि सीआईटी अशोक तिवारी भी मनमाफिक निर्णय नही ले पा रहे है। दबाव के चलते रोस्टर पर गड़बड़ी रोज हो रही है। सूत्रों का कहना है कि वीके सिंह और निलम्बित सीआईटी एस के पांडे एनसीआर के सीसीएम के करीबी माने जाते हैं। यही कारण है कि दोनों सीआईटी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू नहीं हो पाई। जबकि दोनों सीआईटी को एक माह पूर्व ही एस एफ 5 की नोटिस दे दी गई है।

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