यूपी बोर्ड से मान्यता की रेस में 1079 स्कूल

( विनय मिश्रा )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार ) । यूपी बोर्ड से मान्यता लेने की रेस में 1079 स्कूल लगे हैं। कोरोना काल के दौरान पिछले साल जहां मात्र 173 स्कूलों ने मान्यता के लिए आवेदन किया था। वहीं इस साल पांच गुना से अधिक संस्थाओं ने अर्जी लगाई है। मान्यता मिलने पर इस स्कूलों के छात्र-छात्राएं 2024 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में सम्मिलित होंगे।

इस साल मान्यता के लिए 30 जून तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। मान्यता प्रकरणों को समय से निस्तारित करने के लिए बोर्ड ने पिछले सत्र से समयसीमा में परिवर्तन किया था। 2019-20 सत्र तक बोर्ड 31 जुलाई तक विलम्ब शुल्क के साथ मान्यता के आवेदन लेता था। मान्यता पत्र जारी होते-होते काफी समय लग जाता था। यही कारण है कि बोर्ड ने आवेदन की समय सीमा परिवर्तित करते हुए अपने स्तर से 30 नवंबर तक मान्यता के सभी प्रकरण निस्तारित करने जा रहा है। ताकि एक अप्रैल 2022 से पहले मान्यता जारी हो जाए।

सत्यापन से लेकर आपत्तियों का निस्तारण भी ऑनलाइन

प्रयागराज। यूपी बोर्ड मान्यता की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन करने जा रहा है। अब तक केवल ऑनलाइन आवेदन ले रहे हैं। अब डीआईओएस की टीम की ओर से किए जाने वाले स्थलीय सत्यापन, उसकी रिपोर्ट, आपत्तियों के निस्तारण आदि को ऑनलाइन करने जा रहे हैं।

पिछले साल जारी नहीं हुई हाईस्कूल की मान्यता

प्रयागराज। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सभी शर्तें पूरी करने एवं आवश्यक संसाधन होने के बावजूद पिछले साल 100 से अधिक नये हाईस्कूलों को मान्यता जारी नहीं की थी। सूत्रों के अनुसार यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 में संशोधन के बाद नये हाईस्कूलों को मान्यता जारी की जाएगी। शासन के निर्देश पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनय कुमार पांडेय ने 24 अगस्त 2020 को चार कमेटियां गठित करते हुए इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 में संशोधन का प्रस्ताव मांगा था। लेकिन अब तक संशोधन नहीं हो सका है।

Exit mobile version