
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। आपसी राजनीति एवं भ्रष्टाचार के चलते 1 माह के भीतर प्रयागराज मंडल मैं तीन डिविजनल सीआईटी का तबादला किया गया। केवी काला को नया डिविजनल सीआईडी नियुक्त किया गया है। उत्तम और दिवाकर के बाद केवी काला को नियुक्त किया गया है।
इस मामले को लेकर विभाग में तरह तरह की चर्चाएं व्याप्त है। वहीं दूसरी तरफ फरवरी माह में प्रमोट 45 सीआईटी को तत्काल प्रभाव से जिन स्थानों पर पोस्ट किया गया है वहां पर ज्वाइन करने के निर्देश दिए गए हैं। सीनियर डीसीएम ने एक आदेश में कहा है। कि जो सीआईटी ज्वाइन नहीं करना चाहते वो प्रमोशन न ले। यदि वह जल्द ही ज्वाइन नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।
सीनियर डीसीएम ने सीआईटी प्रशासन को लगाई फटकार
केवी काला नए डिविजनल सीआईटी, दिवाकर हटाए गए
उत्तम और दिवाकर के बाद अब केवी
एनसीआर के प्रयागराज मंडल में फर्जी रोस्टर कांड के बाद लगातार कार्रवाई से कर्मचारियों में दहशत है। फर्जी रोस्टर कांड के बाद सीआईडी प्रशासन वीके सिंह एवं सीआईटी लाइन एसके पांडे को निलंबित कर दिया गया। इसी कड़ी में कई कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई। पिछले माह डिविजनल सीआईटी उत्तम श्रीवास्तव का तबादला छिवकी स्टेशन पर कर दिया गया। उनके स्थान पर आए दिवाकर शुक्ला को 3 सप्ताह के भीतर हटाकर केवी काला को डिविजनल सीआईटी नियुक्त कर दिया गया। इस बात को लेकर रेल महकमे में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। रेल सूत्रों का कहना है कि रोस्टर सहित आरआरसी की भर्ती एवं स्टेशन परिसर में अवैध वेंडरों की चहल कदमी सहित अनेक मामलों की तरफ प्रशासन का ध्यान नहीं जा रहा है। विभागीय कर्मचारी भ्रष्टाचार में इस कदर लिप्त है कि वह पैसा कमाने के लिए किसी भी हद पर जा सकते हैं।
*प्रमोट हुए सीआईटी तत्काल ज्वाइन करें*
रेलवे के सूत्र यह बताते हैं कि 2020 में 45 टीटीई का प्रमोशन हुआ। 4 फ़रवरी 2021 को प्रमोट हुए सीआईटी को अन्य स्टेशन पर स्थांतरित कर दिया गया। लेकिन सीसीएम के दबाव में सीनियर डीसीएम 2 ने उन्हें रिलीव नहीं किया था। अनुराग दर्शन की खबर के बाद प्रमोट हुए सीआईटी को रिलीव करने का आदेश जारी हुआ। सीसीएम के दबाव में इनको रोका गया जो एक अपने आप में बड़ा घोटाला नजर आता है । शिकायत के बाद सीनियर डीसीएम 2 ने तत्काल प्रभाव से रिलीव करने का आदेश जारी किया था। लेकिन सीआईटी प्रशासन वीके सिंह ने किसी भी प्रोन्नत सीआईटी को रिलीव नहीं किया। सीनियर डीसीएम एक आदेश में सभी 45 सीआईटी को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण वाले स्थलों पर ज्वाइन करने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों ने बताया कि डीसीएम विपिन सिंह इस बात से बहुत नाराज हैं कि उन्हें अब तक रिलीव क्यों नहीं किया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा है प्रमोट हुए सीआईटी तत्काल प्रभाव से ज्वाइन नहीं करेंगे उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। डीसीएम ने यह भी कहा है की जो सीआईडीटी तबादला वाले स्थल पर ज्वाइन नहीं करना चाहते वह प्रमोशन न ले।
*फरवरी में हुआ था प्रमोशन के साथ तबादला*
रेलवे सूत्रों द्वारा पता चला है फरवरी में 45 कर्मचारियों का प्रमोशन हुआ था । उसी के साथ इनका दूसरे स्थानों पर तबादले का आदेश हुए थे। परंतु यह अभी तक प्रयागराज के मुख्यालय पर जमे हुए हैं। प्रमोशन के साथ स्थानांतरण 4 फरवरी को किया गया जो अभी तक इनको रिलीव नहीं किया गया इसके पीछे भी रोस्टर घोटाला का अहम रोल माना जा रहा है । उक्त सभी लोग अपने अपने स्थान पर ना जाकर प्रयागराज में टिके हुए हैं । जो बराबर कार्रवाई में बाधाएं पहुंचा रहे हैं।