
(अनुराग शुक्ला )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। श्री नागेश्वर महादेव मंदिर से दंडी स्वामी आश्रम अरेल प्रयागराज में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के अंतिम दिवस की कथा करते हुए श्रीमद जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री महेशाश्रम जी महाराज
ने बताया कि भगवान श्रीराम अनुभव का उद्धार करते हैं । यह परमात्मा श्री राम की परम उदारता का प्रत्यक्ष प्रमाण है भगवान ने बाली और गीदड़ जटायु का उद्धार किया वही धर्म द्रोही लंकापति रावण का छोटा भाई विभीषण को अपना मित्र बना कर लंका का राजा बना दिया राम रावण की लड़ाई में राम को विजय और रावण को पराजय प्राप्त हुआ परंतु महाराज रावण ने राम से जो शब्द कहे वह शब्द मनुष्य के लिए परिवारिक एकता के निमित्त बहुत बड़े औषधि का काम कर सकता है। महाराज रावण ने राम से कहा कि ना तुम्हारा विजय हुआ ना मेरा विजय हुआ फर्क इतना है तुम्हारा भाई तुम्हारे साथ है और मैं अपने भाई को अभिमान बस घर से निकाल दिया इसी के कारण तुम्हें विजय प्राप्त हुआ क्योंकि मेरा भाई भी तुम्हारे साथ है। इसका मतलब बताते हुए स्वामी जी ने कहा जहा भाई भाई में प्रेम है। और एक दूसरे के पूरक बन कर के रहते हैं जिस परिवार में सुमति वास करती है विजई उन्हीं को प्राप्त होता है। राम कथा के अंतिम दिवस मनाया गया धूमधाम से राम राज्याभिषेक।