
(अनुराग शुक्ला) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। शहर के दारागंज क्षेत्र में स्थित अति प्राचीन भगवान श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर का जीर्णोद्धार होगा इस संदर्भ में कार्य भी शुरू हो गया है मंदिर प्रबंधन द्वारा भक्तों से आर्थिक सहयोग की अपील की गई है।
मंदिर के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि यह मंदिर स्वामी रामानुजाचार्य द्वारा स्थापित श्री विशिष्टाद्वैत श्री वैष्णव संप्रदाय और सैकड़ों साल पुराने श्री परकाल स्वतंत्र परकाल स्वामी मठ से जुड़ा है। श्री लक्ष्मी हयग्रीव मूर्ति इस मठ की प्रधान आराध्य मूर्ति है।
मंदिर प्रबंधन द्वारा बताया गया कि रीवा के महाराज ने अपने आचार्य परकाल स्वामी को प्रयागराज में सरकार मठ की स्थापना के लिए जमीन दी और अपने कुलदेवता भगवान श्री लक्ष्मी नारायण का मंदिर स्वामी जी को भेंट में दिया।
कहा जाता है कि भगवान श्री विष्णु ने रीवा महाराज के सपने में आकर उनको अपना एक मंदिर बनाने का आदेश दिया और ऐसा करने पर आठों दिशाओं से प्रयागराज की रक्षा का वादा किया। इस मंदिर की प्रधान मूर्ति भगवान श्री लक्ष्मी नारायण हैं।
यहां भगवान श्री लक्ष्मी नारायण दाहिने हाथ में गदा लिए विराजमान हैं। मंदिर प्रबंधन के मुताबिक वर्तमान में इस प्राचीन मंदिर का एक छोटा हिस्सा ही बचा है और वह भी शिथिल स्थिति में है। श्री परकाल स्वामी जी द्वारा नियमानुसार मंदिर का पुनरुद्धार कार्य शुरू कर दिया गया है। इस कार्य में लाखों रुपए खर्च होने की संभावना है।