जीआरपी के हेड कांस्‍टेबल ने प्रयागराज में गोली मारकर आत्‍महत्‍या की, कानपुर में उसकी थी तैनाती

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। के मांडा थाना इलाके का रहने वाला 35 वर्षीय चिंतामणि यादव वर्ष 2005 में सिपाही पद पर भर्ती हुआ था। इन दिनों उसकी तैनाती कानपुर में थी। हेड कांस्टेबल की एस्कार्ट ड्यूटी अजमेर-सियाल्दह एक्सप्रेस में थी। मुगलसराय से वापस लौटा था। जीआरपी पुलिस लाइन के शौचालय में आत्‍महत्‍या की। कानपुर में उसकी तैनाती थी और एस्‍कार्ट ड्यूटी पर वह प्रयागराज आया था। शौचालय में खुद को गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर जवान वहां पहुंचे तो शौचालय में खून से लहूलुहान वह तड़प रहा था। उसे तत्‍काल अस्‍पताल ले जाया गया लेकिन बचाया नहीं जा सका। हेड कांस्‍टेबल ने किन कारणों से आत्‍मघाती कदम उठाया, इसकी वजह तलाश की जा रही है।

*अजमेर-सियालदह एक्‍सप्रेस से एस्‍कार्ट ड्यूटी से लौटा था*

प्रयागराज के मांडा थाना इलाके का रहने वाला 35 वर्षीय चिंतामणि यादव वर्ष 2005 में सिपाही पद पर भर्ती हुआ था। इन दिनों उसकी तैनाती कानपुर में थी। हेड कांस्टेबल की एस्कार्ट ड्यूटी अजमेर-सियाल्दह एक्सप्रेस में थी। वह मुगलसराय से वापस लौटा था।

*जीआरपी पुलिस लाइन के शौचालय में घटना*

जीआरपी पुलिस लाइन में सोमवार की सुबह करीब 9.40 बजे की घटना है। पुलिस कर्मियों ने बताया कि हेड कांस्‍टेबल चिंतामणि सुबह के समय शौचालय गया था। कुछ ही देर में गोली चलने की आवाज सुनी। वहां जाने पर देखा कि चिंतामणि लहूलुहान था। संभावना जताई गई कि उसने सरकारी पिस्‍टल से दो गोलियां चलाई। एक सिर में से होते हुए दीवार में लगी। दूसरी गोली सिर में होने का अनुमान है। वहीं तीसरी गोली पिस्टल के चैंबर में चढ़ गई थी।

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