
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार) । प्रदेश शासन ने गुंडा एक्ट की कार्यवाही में सावधानी बरतने का निर्देश जारी किया है। शिथिलता बरतने के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई का निर्देश भी दिया गया है।
इस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि गुंडा एक्ट के तहत केस दर्ज करने में अपर मुख्य सचिव के 10 सितंबर 2021 के इस आदेश का पालन किया जाए। कोर्ट ने प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी को आदेश का पालन कराने का निर्देश है ताकि कानून का दुरुपयोग न होने पाए।
हाईकोर्ट ने दहेज उत्पीड़न के घरेलू मामले में गुंडा एक्ट के नोटिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई थी और हलफनामा मांगा था, जिसके बाद यह आदेश जारी किया गया है। अपर मुख्य सचिव ने अपने आदेश में कहा है कि गुंडा एक्ट के प्रावधानों का सावधानीपूर्वक परीक्षण कर नोटिस जारी किया जाए। ताकि कानून का दुरुपयोग न होने पाए। इस मामले में शिथिलता के लिए दोषी अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी सोनभद्र ने हलफनामे में बताया कि एडीएम ने नोटिस वापस ले लिया है। इस पर कोर्ट ने निर्देश न कर सरकारी आदेश का पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी एवं न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने शिव प्रसाद गुप्ता की याचिका पर दिया है। मामले के तथ्यों के अनुसार एडीएम सोनभद्र ने पारिवारिक विवाद को लेकर याची को गुंडा एक्ट के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसे याचिका के माध्यम से चुनौती दी गई। कोर्ट ने कहा था कि पारिवारिक विवाद पर गुंडा एक्ट कैसे लागू हो सकता है। साथ ही गुंडा एक्ट के तहत नोटिस जारी करने का कोई औचित्य नहीं है।