
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज जोन में रोस्टर प्रकरण का मामला जोर पकड़ता जा रहा है। विभागीय जांच में कई लोग दोषी पाए गए हैं।
विभागीय जांच में कई लोग मिले दोषी
जांच शुरू होने के बाद महकमे में फिर मची खलबली
विजिलेंस की टीम ने प्रयागराज झांसी एवं आगरा मंडल में रोस्टर प्रकरण की जांच प्रारंभ कर दी है। जांच प्रारंभ होने के बाद रेल महकमे में एक बार फिर खलबली मच गई है। विजिलेंस की टीम रोस्टर को कब्जे में लेकर टीटी एवं सीआईटी कि भूमिका की जांच कर रही है। विजिलेंस की टीम तीनों मंडलों में हुए फर्जीवाड़े के रिकॉर्ड को खंगाल रही है। उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज जोन मैं रोस्टर प्रकरण का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। विजिलेंस की टीम प्रयागराज झांसी एवं आगरा मंडल में पोस्टर प्रकरण की जांच प्रारंभ कर दी है। शिकायत में टीटी संवर्ग के कर्मचारियों के रोस्टर मामले को लेकर पिछले दिनों डीआरएम ने मंडल स्तर पर जांच कराई थी। जिसमें पैसे के लेनदेन सहित अनेक खामियां उजागर हुई थी। जांच के बाद सीआईटी रोस्टर को निलंबित कर दिया गया था। वहीं पर सीआईडी प्रशासन को अनियमितता का आरोप में जवाब तलब किया गया। जांच में यह भी पाया गया की टीटी संवर्ग के कई कर्मचारी पैसे का लेनदेन कर रोस्टर पर फर्जी हस्ताक्षर एवं निजी धन पंजिका लाबी और बगैर ड्यूटी किए भत्ता लेने का मामला प्रकाश में आया है। रोस्टर की शिकायत के बाद से रेल मंत्रालय एवं पीएमओ के निर्देश पर विजिलेंस की टीम सबूत इकट्ठा कर तीनों मंडलों में जांच प्रारंभ कर दी है। जांच प्रारंभ होने से रेल महकमे में खलबली मची है। ज्ञात हो कि इस मामले की शिकायत पीएमओ रेल मंत्रालय सहित अन्य अफसरों से की गई है।
*आरपीएफ के पूर्व सिपाही पर वसूली का आरोप*
आरपीएफ के पूर्व सिपाही दिनेश पांडे पर स्टेशन परिसर में वसूली का आरोप है। वर्तमान में दिनेश पांडे नियम विरुद्ध तरीके से खानपान प्रभारी बनाए गए हैं। रेल सूत्रों का कहना है कि उच्च अफसरों के संरक्षण मैं वेंडरों से वसूली वसूली करता है। ज्ञात हो कि पूर्व आरपीएफ इंस्पेक्टर संजय पांडे का करीबी माने जाने वाला दिनेश पांडे एक मामले में निलंबित हो गए थे। सीबीआई की जांच में इंस्पेक्टर संजय के यहां करोड़ों रुपए नगदी बरामद हुए थे। जांच के बाद दिनेश को आरपीएफ से हटाकर खानपान में रख दिया गया। प्रयागराज मंडल मैं दिनेश की दादागिरी से कई कर्मचारी परेशान हैं। सूत्रों का कहना है कि जिन्हें वाणिज्य विभाग के बड़े अफसरों तक वसूली की रकम पहुंचाता है। दिनेश के और उच्च अफसरों के मोबाइल की सीडीआर जांच की जाए तो तमाम मामलों का खुलासा हो सकता है। कुछ दिनों पहले दिनेश ने एक टीटी से ₹50000 की मांग ट्रांसफर रुकवाने के लिए किया था। बात ना बनने पर दिनेश ने डिप्टी सीआईटी को डिविजनल सीआईडी के नंबर से फोन कर गाली गलौज किया था। गाली गलौज का ऑडियो पूरे महकमे में चर्चा का विषय बना रहा। इस मामले में वरिष्ठ अधिकारी ने शिकायतकर्ता को ही बगैर कारण पूछें निलंबित कर दिया था।